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भेल का स्वर्ण जयंती पार्क बना अश्लीलता का अड्डा

 

भेल प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

पुलिस गश्त पर भी प्रश्न चिन्ह

डॉ हिमांशु द्विवेदी

हरिद्वार। महारत्न संस्थान भेल का स्वर्ण जयंती पार्क आज कल अश्लीलता का अड्डा बना हुआ है। प्रेमी प्रेमिकाओँ के लिए सबसे मेहफ़ूज जगह कही जाए तो कोई अतिशयोक्ति न होगी। वहीं भेल कारखाने के मुख्य द्वार के सामने बने स्टेडियम के सामने रील बनाने वाले युवकों का जमावड़ा लगा रहता है। सार्वजनिक पार्कों का निर्माण सभी नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ मनोरंजन स्थल के रूप में किया जाता है, लेकिन जब वहां अमर्यादित और अश्लीलता होने लगे तो आम जनता और सभ्य परिवार के लोग वहां जाने में असहज महसूस करते हैं और जिस उद्धेश्य के लिए पार्कों का निर्माण किया जाता है, वह अपनी पहचान खोने लगते हैं। ऐसे ही पार्कों में शुमार एक मात्र और सबसे बड़ा पार्क स्वर्ण जयंती अपना पुराना स्वरूप खो चुका है। बीएचईएल के सेक्टर तीन स्थित विशाल भू-भाग में फैले इस इस पार्क का उद्घाटन भारत के महारत्न संस्थान बीएचईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ए0 गविसिद्वदप्पा द्वारा 33 साल पहले 20 जुलाई, 1993 को किया गया था। बीएचईएल ने इस पर भारी-भरकम राशि खर्च कर इसे बहुत ही सुन्दर बनाया था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसका पुराना स्वरूप धीरे-धीरे खराब होता चला गया। किसी समय बीएचईएल उपनगरी का गौरव कहा जाने वाला यह स्वर्ण जयंती पार्क खराब हालातों से जूझता हुआ दिनों दिन अपनी पहचान खोता जा रहा है। जिस पार्क का निर्माण बुजुर्गों के टहलने, बच्चों के खेलने और परिवारों के साथ फुर्सत के पल बिताने के लिए किया जाता था, वह अब प्रेमी युगलों के ‘मिलन केंद्र’ और ‘पिकनिक स्पॉट’ में तब्दील हो गया है। वहीं सोशल मीडिया के चलते अधिकांश युवा यहां फोटो शूट, इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए पहुंचते हैं । स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि सभ्य परिवारों ने अब यहाँ आने से तौबा करना शुरू कर दिया है। वहां की फुलवारियां और सौन्दर्यीकरण भी पहले की तरह नहीं है, न पेड़-पौधों का सही रखरखाव है और न ही साफ-सफाई ढंग से होती है।युवाओं की आपत्तिजनक हरकतें के कारण वहां से गुजरने वाले बुजुर्गों और महिलाओं को शर्म से अपनी नजरें झुकानी पड़ती हैं। पार्क मे बुजुर्गों और बच्चों के हक पर मानो कब्जा हो गया हो। पार्क में बुजुर्गों और थक चुके पर्यटकों के बैठने के लिए जो बेंचें लगाई गई थीं, उन पर अब प्रेमी जोड़ों का एकछत्र राज रहता है। पार्क मे टेहलने आने वाले एक व्यक्ति हरजीत सिंह ने बताया पार्क का माहौल इतना खराब है कि परिवार सहित पार्क में आना दुशवार हो रहा है। और बुजुर्गों को बैठने का स्थान तक नहीं मिलता।

आगे बात करते हुए उन्होंने बताया की पार्क का माहौल बिगड़ने में बाहरी तत्वों का बहुत बड़ा हाथ है। पुलिस प्रशासन और भेल प्रबंधन का की उदासीनता इसकी दुर्दशा का कारण है। वही प्रत्यक्ष दर्शिओं ने बताया कि पुलिस गश्त पार्क के अंदर नहीं होती है।एंटी-रोमियो स्क्वाड की सक्रियता से पुलिस प्रशासन को शाम के समय सादे कपड़ों में महिला और पुरुष कर्मियों की तैनाती करनी चाहिए। वही भेल प्रबंधिका को भी अपने गार्ड बढ़ाने चाहिए तभी पार्क का माहौल सुधर सकता है। पार्क में अश्लीलता करने वालों के खिलाफ कल मिलेगा चेतावनी के भी बोर्ड लगने चाहिए और प्रवेश करते समय सभी की आईडी चेक की जाए और उसकी एंट्री भी की जाए।

 

 

 

मामला पुलिस के संज्ञान मे नही है वैसे तो नियमित गश्त लगती रहती है लेकिन अब पार्क के अंदर भी गश्त लगाई जाएगी और अश्लील हरकत करने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा – एस एस आई , कोतवाली रानीपुर

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