हरिद्वार

श्री सत्य साईं सेवा समिति  की प्रेम प्रवाहिनी रथयात्रा का हुआ  उत्तराखंड में प्रवेश

कमल मिश्रा 

हरिद्वार ।  प्रेम प्रवाहिनी रथयात्रा का उत्तराखंड में प्रवेश होने पर श्री सत्य साईं सेवा समिति रूड़की द्वारा श्री शिव शक्ति साई धाम में बाल विकास  कार्यक्रम के तहत  बच्चों द्वारा  मनमोहक प्रस्तुति  प्रस्तुत की  गई। इस  कार्यक्रम में विशेष रूप से श्री सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखण्ड के पदाधिकारियों के विशेष आग्रह पर भारत वर्ष में योग एवं आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने वाले पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण एवं मर्म चिकित्सा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुशोभित  करने वाले उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति  डॉ सुनील कुमार जोशी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में दोनों ही अतिथियों ने स्वामी द्वारा प्रतिपादित पुट्टपर्थी की दिव्य भूमि को  याद करते हुए स्वामी के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किये गये अकल्पनीय कार्यो का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी ने पुट्टपर्थी में जन्म लेकर न केवल उस भूमि को धन्य किया बल्कि सुदूर ग्रामीण अंचलों मे पीने के पानी की प्रचुर व्यवस्था सुनिश्चित कर दी। उन्होंने कहा कि बाबा ने मानव सेवा ही माधव सेवा का एक बैजोड उदाहरण प्रस्तुत किया l

        मुख्य अतिथियों समान करते हुए

प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल योगेन्द्र सिंह ने  कार्यक्रम में  पधारे मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण एवं डॉ सुनील कुमार जोशी और साथ ही जनपद हरिद्वार के अतीव लोकप्रिय विधायक साई भक्त  प्रदीप बत्रा सुप्रसिद्ध उद्योगपति स्वामी के अनन्य भक्त राजीव कुमार बंसल का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अंगवस्त्र और स्वामी का खूबसूरत चित्र देकर सम्मानित किया l

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि उक्त विशिष्ट कार्यक्रम में जनपद हरिद्वार के अतिरिक्त देहरादून, उधमसिंह नगर, नैनीताल के साई भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी l रूड़की मे आयोजित समस्त कार्यक्रम पूर्व जिलाध्यक्ष एम. आर. अरोरा के नेतृत्व में तथा प्रदीप भंडारी, जिलाध्यक्ष अमित शर्मा, कार्तिक चाँदना, विशाल राज, मनोज जायसवाल एवं गिरी जी के कुशल संचालन में हुआ।

इसी कड़ी में अगले दिन स्वामी की रथयात्रा रूड़की से प्रस्थान कर ऋषियों, संतों की नगरी ऋषिकेश स्थित धर्म और अध्यात्म के केंद्र शिवानंद आश्रम में प्रवेश हुआ जहां वयोवृद्ध पूज्य संत स्वामी कार्तिकेयन जी महाराज ने रथयात्रा के सफल आयोजन के लिए श्री सत्य साईं सेवा साई संगठन के पदाधिकारियों के प्रति अपनी शुभकामनाएं निवेदित करते हुए अतीव प्रसन्नता व्यक्त की साथ ही 1982 के दौरान बाबा के शिवानंद आश्रम में पधारने के बाद पूज्य महाराज शिवानंद जी एवं बाबा के मध्य के कुछेक प्रसंग का उल्लेख किया जिससे उपस्थित समस्त साई भक्त भावविभोर हो गये.. इसी दिव्य स्थल पर बाबा के रथ को विश्राम दिया गया और चरण पादुका को नॉर्थ साई केंद्र ले जाया गया जहां स्वामी के विद्यालय के बच्चों ने अतीव कर्णप्रिय स्वर से वेदमंत्र का सामुहिक वाचन कर कार्यक्रम को उत्तरोत्तर उत्कृष्टता प्रदान हुई। . ऋषिकेश में आयोजित हुए संपूर्ण कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में तथा दीपक नौटियाल और डॉ राकेश वर्मा के कुशल संचालन में सम्पन्न हुआ।

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