नाथों ने और उनकी परंपराओं ने समय-समय पर इस देश को संभाला है- अवधेशानंद गिरि महाराज

डॉ हरिनारायण जोशी अंजान

हरिद्वार। सनातन हिंदू धार्मिक परंपराओं में नाथ संप्रदाय के अनुयाई/संवाहक एवं समाजसेवी पत्रकार ब्रह्मलीन शोभनाथ जी के ज्वालापुर स्थित नाथनगर जो उन्हीं के नाम पर प्रचलित है, के समाधि स्थल/आवास पर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के कर कमलों द्वारा नवनिर्मित पवित्र अग्नि कुंड “धूनी” में पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इस योगी गुरु गोरक्षनाथ के पवित्र अग्नि कुंड धूनी में अग्नि प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया।

धर्म संस्कृति अध्यात्म के समन्वय नाथ संप्रदाय के उच्च मूल्यों की परंपराओं की प्रज्ज्वलन हेतु इस पवित्र अग्निकुंड धूनी का नव निर्माण शुभांरभ शोभनाथ जी के सुपुत्र ललितेन्द्र नाथ द्वारा नगर के मूर्धन्य विद्वान पत्रकार साहित्यकार लेखक कौशल सिखोला त्रिलोक चंद्र भट्ट, डॉ शिव शंकर जायसवाल, दीपक नौटियाल, डा० नरेश मोहन, आचार्य गिरीश मिश्रा, प्रेस क्लब हरिद्वार के पदाधिकारी/सदस्यगण, नेशनलिस्ट यूनियन आफ जर्नलिस्ट के पदाधिकारी/सदस्य गण हरिद्वार मदन कौशिक ज्वालापुर विधायक रविबहादुर, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा संतोष चौहान और नगर के जाने माने एवं अनेक क्षेत्रों में ख्यातिलब्ध विभूतियों की गरिमामय उपस्थिति में अग्नि धूनी में अग्नि प्रज्ज्वलन का यह कार्य संपन्न करवाया।
इस अवसर पर पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा की नाथों ने और उनकी परंपराओं ने समय-समय पर इस देश को संभाला है। इसी संप्रदाय से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज देश की सेवा में निस्वार्थ भाव से संलग्न हैं।
नाथ संप्रदाय का अभ्युदय आदि शक्ति मां भगवती और आदि ज्योतिपूंज ओंकारेश्वर शिव के संतुलन काल से है। भोलेनाथ शिव ने बाद में जो माता पार्वती को जन्म मृत्यु का रहस्य उद्घाटित किया। और फिर अनवरत मत्स्येंद्रनाथ से गुरु गोरक्षनाथ शिव रूप में चली आ रही है।
उल्लेखनीय है कि ब्रह्मलीन शोभनाथजी और वर्तमान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का पैत्रिक संबंध गढ़वाल में पौड़ी जिले से है।




