वैश्विक तनाव से दूर मेधा का परिचय दे रहे युवा ही हैं सशक्त भारत की नींव: श्रीमहन्त डॉ रविन्द्र पुरी
शतरंज की बिसात पर एस एम जे एन कॉलेज का दबदबा: कृष्णा ने जीता स्वर्ण, नार्थ जोन के लिए चुने गए महाविद्यालय के तीन खिलाडी

कमल मिश्रा
गुरुजनों का मार्गदर्शन हैं सफलता का आधार: प्रो. बत्रा
हरिद्वार, 20 फ़रवरी
उच्च शिक्षा और विद्यार्थियों के संर्वांगीण विकास के लिए देश भर में विख्यात एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर राज्य स्तरीय फलक पर अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ी है। हाल ही में आयोजित अंतर्महाविद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता में कॉलेज के खिलाड़ियों ने अपनी सटीक ‘शतरंजी चालों’ से प्रतिद्वंद्वी कॉलेजों को पछाड़ते हुए शतरंज मेधा के क्षेत्र में कॉलेज के वर्चस्व को पुनः सिद्ध कर दिया है।
कृष्णा चावला बने ‘यूनिवर्सिटी चैंपियन’ प्रतियोगिता के दौरान बी. कॉम. 6 सेमेस्टर के छात्र कृष्णा चावला ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ‘यूनिवर्सिटी चैंपियन’ का खिताब अपने नाम किया और कॉलेज के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। जबकि ग्रुप मैच में महाविद्यालय की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता टीम में कृष्णा चावला, हर्षित शर्मा, अनमोल रावत, सुफियान खान तथा आर्यन बक्शी ने संयुक्त रूप से शानदार खेल दिखाया। साथ ही बी. कॉम. 4th सेमेस्टर की समता शर्मा ने भी अपने मेधावी खेल के दम पर तृतीय पुरस्कार पर कब्जा जमाया।
कॉलेज की इस ‘गोल्डन’ सफलता के आधार पर महाविद्यालय के कृष्णा चावला, अनमोल रावत तथा समता शर्मा का चयन नॉर्थ जोन, इंटर-यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता के लिए हुआ है जिसमे महाविद्यालय के ये तीन प्रतिभावान खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर पर कॉलेज और उत्तराखंड प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
आज महाविद्यालय के प्राचार्य कक्ष में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, माँ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट तथा कॉलेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्रीमहन्त डॉ रविन्द्र पुरी जी महाराज ने विजेता खिलाड़ियों तथा कोच को सम्मानित किया और अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर खिलाड़ियों को बधाई देते हुए श्रीमहन्त डॉ रविन्द्र पुरी जी महाराज ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व में तनाव तथा अस्थिरता का दौर चल रहा हैं और ऐसे समय पर हमारे देश प्रदेश का युवा मेधा के खेल शतरंज में अपनी प्रतिभा, संकल्प, लग्न का परिचय दे रहा हैं। श्रीमहन्त ने कहा कि यह प्रतिभावान और संकल्पित युवा ही सशक्त भारत की नींव हैं। इस स्वर्णिम सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि महाविद्यालय अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। विजयी खिलाड़ियों ने अपनी इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री महंत डॉ रविन्द्रपुरी जी के कुशल संरक्षण और अपने महाविद्यालय के प्राचार्य के निरंतर मार्गदर्शन को दिया है। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ संजय माहेश्वरी, खेल कूद मुख्य अधीक्षक विनय थपलियाल, डॉ शिव कुमार चौहान, कोच रंजीता, कोच भारत भूषण, कार्यालय अधीक्षक मोहन चंद्र पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



