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एम्स ऋषिकेश में वर्ल्ड ट्रॉमा  चिकित्सा वीक का समापन

कमल मिश्रा 

17 अक्टूबर 2026

एम्स ऋषिकेश में शनिवार को वर्ल्ड ट्रॉमा वीक 2026 का समापन हो गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्य के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले उत्तराखंड राज्य में ट्रॉमा चिकित्सा के माध्यम से लोगों का जीवन बचाने के लिए एम्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एम्स के साथ समन्वय व समझौते के आधार पर राज्य भर में ट्राॅमा चिकित्सा का प्रशिक्षण व संचालन हेतु वृहद योजना तैयार करेगी।

शनिवार को संस्थान की ओर से आयोजित किए गए सप्ताहव्यापी ट्राॅमा वीक जनजागरूकता अभियान के समापन अवसर पर मुख्य सभागार में बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूबे के स्वास्थ्य व वन मंत्री सुबोध उनियाल ने आह्वान किया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों का जीवन बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ ही आपदाओं के लिए भी पहिचान रखता है। इसलिए हमें इन आपदाओं और आकस्मिक दुर्घटनाओं के दौरान संकट में फंसे प्रत्येक व्यक्ति की जान बचाने के लिए आगे आना होगा। कहा कि यह तभी संभव है जब राज्य के प्रत्येक मेडिकल काॅलेज, अस्पताल और चिकित्सा पेशेवरों को ट्राॅमा चिकित्सा का प्रशिक्षण प्राप्त हो। इसके लिए उन्होंने एम्स के साथ मिलकर राज्य में ट्राॅमा चिकित्सा को मजबूतर करने की बात कही। उनियाल ने कहा कि आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा हल्द्वानी और देहरादून के अलावा अब कौडियाला, बड़कोट और उत्तरकाशी जैसे चारधाम यात्रा मार्गों पर ट्राॅमा सेन्टरों की शुरूआत की गयी है। उन्होंने राज्य में रेडियोलाॅजिस्ट, न्यूरोलाॅजिस्ट और कार्डियोलाॅजिस्ट जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को स्वीकार किया और कहा इसे शीघ्र ही दूर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं और आपदाओं में गंभीररूप से घायल होने वाले लोगों का जीवन बचाने के लिए एम्स का ट्रामा एवं क्रिटिकल केयर विभाग अहम भूमिका निभा रहा है।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने ट्राॅमा टेलिमेडिसिन और एअरो मेडिकल सेवाओं का जिक्र करते हुए तकनीक आधारित इन सेवाओं को आपदाग्रस्त व्यक्ति के लिए बहुत लाभकारी बताया। कहा कि इन सेवाओं के माध्यम से संस्थान दैनिक तौर पर कई ट्राॅमा पेशेन्टों का जीवन बचा रहा है। प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि संस्थान विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्मय से राज्य भर के लोगों को ऐसे मामलों में सजग रहने और अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा। इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्राॅमा सप्ताह के आयोजन सचिव व ट्राॅमा सर्जन डाॅ. मधुर उनियाल ने संस्थान के ट्राॅमा सेन्टर की उपलब्धियों तथा ट्राॅमा वीक की सप्ताह भर की गतिविधियों का ब्यौरा रखा और बताया कि इमरजेन्सी हेली एंबुलेंस सर्विसेज के माध्यम से एम्स अभी तक 354 लोगों का रेस्क्यू कर इलाज कर चुका है। उन्होंने राज्य की 108 एंबुलेंस सेवा की क्लीनिकल ऑडिट की आवश्यकता बतायी और कहा कि इससे राज्य के ट्राॅमा मामलों के त्वरित इलाज में मदद मिल सकेगी। कार्यक्रम के दौरान वर्ल्ड ट्राॅमा वीक के आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले विभिन्न विभागों के चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसर्स, तकनीशियनों के साथ ही परिवहन, पुलिस और वन विभाग के सदस्यों को प्रशस्तिपत्र व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संस्थान की पूर्व डीन प्रो. जया चतुर्वेदी, राज्य के चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो. आशुतोष सयाना, ट्राॅमा वीक आयोजन समिति के अध्यक्ष और ट्राॅमा सर्जरी विभाग के हेड प्रो. कमर आजम सहित अन्य ने भी संबोधित किया। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत धमीजा, विभिन्न विभागों के फेकल्टी सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, सीएनओ अनीता रानी कंसल, एम्स ट्रॉमा सर्जन डाॅ. भास्कर, डाॅ. मान सिंह, डाॅ. नीरज कुमार, डॉ. रूबी कटारिया, एसएनओ अखिलेश उनियाल, शशिकांत, हेम्स टीम सदस्यों सहित वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति, माधव सेवा सदन व अन्य संगठनों के सदस्यगण मौजूद थे।

राज्य सरकार के साथ हुआ एमओयू

कार्यक्रम के दौरान एम्स ऋषिकेश और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के साथ ट्राॅमा प्रशिक्षण, ट्राॅमा चिकित्सा और इस मामले में वृहद कार्ययोजना तैयार करने को लेकर एमओयू गठित किया गया। बताया गया कि एमओयू के तहत राज्य सरकार और एम्स ऋषिकेश इस मामले में मिलकर काम करेंगे। जिससे भविष्य में आपदा और सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायल होने वाले लोगों का जीवन बचाने में मदद मिलेगी। एमओयू में संस्थान की ओर से कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह और ट्राॅमा सर्जरी विभाग के हेड डाॅ. कमर आजम तथा राज्य सरकार की ओर से चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल तथा चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो. आशुतोष सयाना ने हस्ताक्षर किए। प्रो. सयाना ने बताया कि ट्राॅमा चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजकीय मेडिकल काॅलेजों के चिकित्सकों सहित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को भी शामिल किया जायेगा।

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