हरिद्वार

13 नए डोर-टू-डोर कूड़ा वाहनों को महापौर ने दिखाई हरी झंडी, स्वच्छ हरिद्वार की ओर बढ़ता नगर निगम का एक और कदम

कमल मिश्रा 

हरिद्वार | 23 फरवरी, 2026

धर्मनगरी हरिद्वार को ‘मॉडल क्लीन सिटी’ बनाने के संकल्प के साथ आज नगर निगम ने अपनी स्वच्छता व्यवस्था को एक नई मजबूती दी है। नगर निगम परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान महापौर  किरण जैसल ने शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए 13 नए डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

 इस अवसर पर महापौर किरण जैसल ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के हर कोने तक पहुँच सुनिश्चित करना और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की ओर  इस कदम से शहर को कई तरह के लाभ मिल सकेंगे।

इस अवसर पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में उप नगर आयुक्त  दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक  संजय शर्मा सहित नगर निगम के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में हरिद्वार को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर पहुँचाने का संकल्प लिया।

नई व्यवस्था से शहर को मिलने वाले 6 बड़े लाभ

इन नए वाहनों के बेड़े में शामिल होने से शहर की बुनियादी स्वच्छता व्यवस्था में निम्नलिखित बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:

नियमित कूड़ा संग्रहण: अब प्रत्येक घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान से कूड़ा उठान का समय और अंतराल और अधिक सटीक होगा।

कूड़ा मुक्त सड़कें: सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर लगने वाले कूड़े के ढेरों (GVP – Garbage Vulnerable Points) को समाप्त करने में मदद मिलेगी।

बीमारियों पर लगाम: नियमित सफाई से मच्छरों के पनपने और संक्रामक रोगों के खतरे में भारी कमी आएगी।

स्रोत पर पृथक्करण (Segregation): ये वाहन गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग एकत्र करने के अभियान को गति देंगे, जिससे वैज्ञानिक निस्तारण सुगम होगा।

पर्यावरण संरक्षण: खुले में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति रुकेगी, जिससे शहर का वातावरण शुद्ध और सुंदर बनेगा।

स्वच्छता रैंकिंग में सुधार: 100% अपशिष्ट संग्रहण का लक्ष्य हरिद्वार को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रैंकिंग दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

“स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, जन-भागीदारी है”

वाहन रवानगी के दौरान महापौर श्रीमती किरण जैसल ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा:

“नगर निगम संसाधनों को बढ़ा रहा है, लेकिन हरिद्वार को वास्तव में आदर्श स्वच्छ नगर तभी बनाया जा सकता है जब प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। कूड़ा केवल डस्टबिन में डालें और निगम की गाड़ियों को ही सौंपें।”

नगर निगम का संकल्प:

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि वाहनों की संख्या में इस बढ़ोतरी के बाद अब शहर के उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहाँ पहले पहुँच चुनौतीपूर्ण थी। अब लक्ष्य कूड़ा संग्रहण की 100% कवरेज सुनिश्चित करना है।

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