महिला सशक्तिकरण की नई दिशा: नूरपुर पंजनहेड़ी में 15 गरीब महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण का शुभारंभ

प्रधान संपादक कमल मिश्रा
नूरपुर पंजनहेड़ी।
स्वागत स्वायत्त सहकारिता से जुड़ी 15 गरीब एवं असहाय महिलाओं के लिए आज श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम में सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण आईटीसी मिशन सुनहरा कल द्वारा समर्थित तथा ग्रामोत्थान REAP परियोजना द्वारा वित्त पोषित है। कार्यक्रम को संभव बनाया है—

उषा इंटरनेशनल लिमिटेड, जो वर्षों से श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की विश्वसनीय और पुरानी सहयोगी संस्था रही है।
इस प्रशिक्षण की सबसे विशेष बात यह है कि दिल्ली से आए ऊषा इंटरनेशनल के मास्टर प्रशिक्षक महिलाओं को आधुनिक तकनीकों सहित सिलाई-कटाई का उच्च स्तरीय 8 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। आज के कार्यक्रम में उपस्थित ऊषा इंटरनेशनल सीएसआर के प्रमुख योगेंद्र ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि—यदि महिलाएं मन लगाकर प्रशिक्षण लेंगी, तो वे न केवल अपनी आजीविका को मजबूत कर सकेंगी, बल्कि अपने परिवार को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना पाएंगी। उषा इंटरनेशनल हमेशा से ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास, उद्यमिता और सम्मानजनक रोजगार के लिए समर्पित रहा है।”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि REAP परियोजना के परियोजना प्रबंधक *डॉ. संजय सक्सेना ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए बताया कि यदि महिलाएं सिलाई-कटाई में दक्षता प्राप्त कर लेती हैं, तो उनका एक मजबूत सिलाई क्लस्टर विकसित किया जा सकता है। हरिद्वार में रेडीमेड गारमेंट्स का बड़ा बाज़ार है, जहाँ इन महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के विशाल अवसर मौजूद हैं।”
उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि इस प्रशिक्षण को गंभीरता और समर्पण के साथ अपनाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर होने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा सकें।

पंचायत स्तर पर सशक्त सहयोग
आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता नूरपुर पंजनहेड़ी के ग्राम प्रधान श्री चौहान जी ने की। उन्होंने न केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की, बल्कि अपने नेतृत्व में आजीविका मिशन के समूहों से जुडी महिलाओं और आईटीसी मिशन सुनहरा कल की टीम के साथ वर्कशेड और पंचायत घर परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया। ग्राम प्रधान जी श्री चौहान जी ने कहा “श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की यह अत्यंत सार्थक पहल है। हमारे गाँव की गरीब महिलाएँ इस प्रकार के प्रशिक्षण से अपना रोजगार निर्मित कर सकती हैं तथा अपने बच्चों को बेहतर भविष्य दे सकती हैं।”

कार्यक्रम में रीप परियोजना के जेंडर प्रबंधक काम सिंह फर्स्वाण, स्वागत स्वायत्त सहकारिता की अध्यक्षा विमला जोशी, विराट सहकारिता की सचिव बबली पाल,श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम से अक्षय, पुष्पा, भावेश गराकोटी, भुवन जोशी, दिल्ली से आए उषा इंटरनेशनल के मास्टर प्रशिक्षक शाहिदा परवीन की सहभागिता उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम का संचालन श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के परियोजना प्रबंधक डॉ. पंत द्वारा किया गया। मंच का संचालन करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण है, बल्कि ग्रामीण आजीविका को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का महत्वपूर्ण कदम भी है। उम्मीद है कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को *स्वावलंबन, कौशल, सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता* —चारों स्तंभों पर खड़ा एक सशक्त जीवन प्रदान करेगा।




