हरिद्वार

एनएसएस शिविर के तीसरे दिन छात्राओं ने योग, वृक्षारोपण और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया सामाजिक संदेश

कमल मिश्रा 

हरिद्वार 15. मार्च। एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन का आयोजन उत्साहपूर्ण रहा। आज की गतिविधियों का मुख्य केंद्र ‘स्वस्थ शरीर और व्यसनमुक्त समाज’ रहा, जिसमें योग प्रशिक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति अभियान पर विशेष ज़ोर दिया गया।

योगाभ्यास एवं स्वास्थ्य चर्चा

दिन का शुभारंभ श्री साई इंस्टीट्यूट की गोल्ड मेडलिस्ट प्रशिक्षक कुमारी शीतल सैनी द्वारा कराए गए योगाभ्यास से हुआ। उन्होंने छात्राओं को:

प्राणायाम: ओम का जाप और अनुलोम-विलोम।

आसन: सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, पर्वतासन और गोमुखासन का अभ्यास कराया।

शीतल सैनी ने छात्राओं को बताया कि नियमित योग न केवल एकाग्रता बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव से भी मुक्ति दिलाता है।

वृक्षारोपण: ‘एक पेड़ भविष्य के नाम’

शारीरिक सत्र के उपरांत छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने परिसर में डहेलिया, नीम और आम के पौधे रोपित किए।

डॉ. पद्मावती तनेजा ने नीम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “नीम वायुमंडल का शुद्धिकरण करता है और आयुर्वेद में इसका विशेष औषधीय स्थान है। पर्यावरण को बचाने के लिए हम सभी को वृक्षारोपण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।”

नशा मुक्त भारत अभियान और नुक्कड़ नाटक

शिविर के दूसरे सत्र में स्वयंसेवियों ने बैरागी कैंप की बस्तियों में जाकर नशा मुक्ति पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

कलाकार: मयूरी, सोनाली, वंशिका, तनु, वैष्णवी, मानसी, शिवानी, कंचन, अंजलि और चंद्रकला ने अपने अभिनय के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाया और निवासियों से नशे का त्याग करने का भावपूर्ण आग्रह किया।

डॉ. पुनीता शर्मा ने छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की शुरुआत 15 अगस्त 2020 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा की गई थी। यह अभियान देश के सबसे संवेदनशील 272 जिलों में सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है।

सहयोग एवं व्यवस्था

संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने में श्रीमती रचना गोस्वामी एवं विनीत कुमार ने अपना विशेष सहयोग दिया।

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