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श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में श्री  महानिर्वाणी  अखाड़ा के ईष्ट भगवान कपिलदेव की जयंती धूम धाम से मनाई गई।

प्रधान संपादक कमल मिश्रा 

हरिद्वार। श्री  महानिर्वाणी  अखाड़ा के ईष्ट भगवान कपिलदेव की जयंती अखाड़े के सचिव परम पूज्य श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के सानिध्य में समारोह पूर्वक मनायी गयी। इस अवसर पर अखाड़े के संतों व श्रद्धालुओं ने भगवान कपिलदेव की पूजा अर्चना की और भोग अर्पित कर सभी के लिए मंगल कामना की।

कनखल स्थित कपिल वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में सभी अखाड़ों आश्रमों के संत महापुरूष शामिल हुए धर्म संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने सभी को भगवान कपिलदेव जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन-जन के आराध्य भगवान कपिलदेव भगवान विष्णु के पांचवे अवतार थे। अखाड़े की पूरे देश में स्थित सभी शाखाओं में भगवान कपिल मुनि की जयंती समारोह पूर्वक मनायी जाती है। उन्होंने कहा कि भगवान कपिल मुनि के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में अपना योगदान कर रहा है।

हरिद्वार नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष एवं सोनीपत से कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि अखाड़े के ईष्ट देवता भगवान कपिल मुनि तपस्वी ऋषि थे। ईष्ट देवता के प्रसन्न रहने से ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद एवं महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि सभी को भगवान कपिल मुनि की शिक्षाओं को आत्मसात कर मानव कल्याण में योगदान करना चाहिए। महापुरूषों का फूलम स्वामी कृष्णानंद, स्वामी चेतन गिरी, महंत कमल गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी, कोठारी महंत राघवेंद्र दास, स्वामी चिदविलासानंद, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत रघुवीर दास, महंत सूरजदास, महंत विष्णु दास, महंत प्रेमदास, श्रीमहंत साधनानंद, महंत जयेंद्र मुनि, महंत गंगादास उदासीन, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी दिनेश दास, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी प्रेमानंद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक शर्मा, सहित बड़ी संख्या में संत महंत व श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।

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