नगर की जामा मस्जिद में रमजान उल मुबारक के चौथे जुमा की नमाज अदा कर की गई अमनों सलामती और खुशहाली की दुआएं

इमरान देशभक्त
रुड़की।रमजान-उल-मुबारक के चौथे जुमा की नमाज नगर और आसपास के क्षेत्रों में अकीदत के साथ अदा की गई।मुल्क की खुशहाली तथा अमनों,सलामती और भाईचारे की दुआएं मांगी गई।रुड़की नगर की प्रमुख जामा मस्जिद में जुमा की नमाज मुफ्ती मोहम्मद सलीम ने अदा कराई,जबकि जुमा की नमाज से पहले तकरीर करते हुए मदरसा रहमानिया के प्रधानाचार्य मौलाना अजहर उल हक ने रमजान महीने के आखिरी अशरे पर रोशनी डालते हुए कहा कि रमजान धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।पहला अशरा रहमतों का और दूसरा अशरा मगफिरत का गुजर चुका है अब तीसरा अशरा जो जहन्नुम से छुटकारा पाने का अशरा चल रहा है,तो इस अशरे के बचे हुए दिनों में इबादत को बढ़ाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर यह अशरा गफलत में गुजर गया तो रोजादारों के लिए बड़ी मेहरूमी हो जाएगी।अल्लाह इस अशरे में अपने बंदों पर खूब नेकियां बरसाता है।सहरी से लेकर इफ्तार और सुबह सादिक तक अल्लाह की रहमतें बरस रही हैं,लेकिन यह उन लोगों के लिए है,जो रोजा और नमाज की पाबंदी के साथ अल्लाह के हुक्मों पर अमल कर रहे हैं,जो लोग इस अशरा में गफलत बरत रहे हैं उनके लिए बड़ी मेहरूमी है।बहुत से ऐसे लोग भी है,जो नमाजों की पाबंदी ठीक से नहीं कर रहे हैं रोजा तो रखते हैं,लेकिन बुरी चीजों से नहीं बच रहे हैं।उन्हें चाहिए कि वह अल्लाह की इबादत में साफ दिल के साथ जुट जाएं।बचे हुए दिन और वक्त की कदर करते हुए अपनी इबादत को बढ़ाएं।उन्होंने ईद की नमाज से पहले सदका तुल फितरा और जकात को अदा करना हर मुसलमान पर फर्ज बताते हुए कहा कि जिसके पास जरूर से ज्यादा धन-दौलत है वह ईद की नमाज पढ़ने से पहले अदा करें,जबकि जकात पूरे साल भर में कभी भी दी जा सकती है।इस अवसर पर इं०मुजीब मलिक,डॉ०नैयर काजमी,मौलाना अरशद कासमी,मौलाना मोहम्मद हारुन,कारी नफीस अहमद,मौलाना मोहम्मद यूसुफ,कारी जाकिर हुसैन,कारी मोहम्मद जफर,हाफिज अशरफ हुसैन,कारी सरफराज अली,मोहम्मद मोफीक,हाजी मोहम्मद सलीम खान,हाजी नौशाद अहमद,प्रशासक हाजी मोहम्मद मुस्तकीम,कुंवर जावेद इकबाल,कारी एहतेशाम,कारी कलीम अहमद,शेख अहमद जमांं,इमरान देशभक्त,एडवोकेट कौसर सिद्दीकी,अता उरर्हमान अंसारी, डॉक्टर मोहम्मद मतीन,मकसूद हसन,सैयद नफीसुल हसन,मोहम्मद जहांगीर,बिट्टन त्यागी,सलमान फरीदी आदि बड़ी संख्या रोजेदारों ने नमाज अदा की।




