हरिद्वार

आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम द्वारा अभिसरण में आयोजित किए विशाल स्वास्थ्य शिविर — टीएचपी प्लस की महिलाओं को मिला स्वास्थ्य लाभ

प्रधान संपादक कमल मिश्रा 

आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम द्वारा स्माइल फाउंडेशन तथा जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से समूह एवं टीएचपी प्लस (THP Plus — Targeted Hardcore Poor) कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं के लिए बहु-ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर कटारपुर, धनपुरा, सलेमपुर महदूद, अजीतपुर तथा सरांय गांवों में अभिसरण (Convergence) मॉडल के तहत आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित समुदाय की महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचाना था।
इन स्वास्थ्य शिविरों में कुल 1218 महिलाओं ने भाग लिया, जिनमें से 550 महिलाएँ आईटीसी मिशन सुनहरा कल द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हुई थीं। इसके अतिरिक्त 82 महिलाएँ टीएचपी प्लस कार्यक्रम से संबद्ध थीं, जो अत्यंत गरीब एवं वंचित परिवारों के सशक्तिकरण के लिए संचालित विशेष पहल है।


गांव-वार टीएचपी प्लस से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी
कतरपुर — 7 महिलाएँ, अजीतपुर — 16 महिलाएँ, सलेमपुर — 26 महिलाएँ, सरांय — 6 महिलाएँ, धनपुरा — 27 महिलाएँ, कुल — 82 महिलाएँ। शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएँ
शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिलाओं को विभिन्न प्रकार की निःशुल्क सेवाएँ प्रदान की गईं, जिनमें शामिल हैं:


✅ सामान्य महिला स्वास्थ्य परीक्षण
✅ महिला स्वास्थ्य (प्रजनन एवं स्त्री रोग संबंधी) जांच
✅ नेत्र परीक्षण (आंखों की जांच) एवं निशुल्क चश्मा वितरण
✅ शारीरिक जांच एवं पोषण परामर्श
✅ आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण
✅ स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श, रक्तचाप एवं रक्त की जांच शुगर की जांच

इन सेवाओं से विशेष रूप से उन महिलाओं को लाभ मिला जो आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक कारणों से नियमित स्वास्थ्य सेवाओं तक नहीं पहुँच पाती हैं।

टीएचपी प्लस (Targeted Hardcore Poor) कार्यक्रम अत्यंत गरीब, हाशिये पर स्थित और बहुआयामी अभाव झेल रहे परिवारों — विशेषकर महिलाओं — के लिए बनाया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आर्थिक सशक्तिकरण ही नहीं बल्कि समग्र विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें शामिल हैं:
🔹 स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार
🔹 स्वच्छता और सुरक्षित जीवन शैली
🔹 आजीविका एवं आय सृजन
🔹 सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना
🔹 आत्मनिर्भरता एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करना

स्वास्थ्य शिविर इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण घटक है, क्योंकि खराब स्वास्थ्य गरीबी के दुष्चक्र को और गहरा करता है। समय पर जांच और उपचार से महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर होता है और वे परिवार व समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा पाती हैं।

इन शिविरों के सफल आयोजन में श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आईटीसी मिशन सुनहरा कल की ओर से परियोजना प्रबंधक डॉ. पंत, समूह प्रेरक श्रीमती विमला जोशी, स्वागत क्लस्टर लेवल फेडरेशन की अध्यक्ष पुष्पा बर्मन, एचपी प्लस कार्यकर्ता अमिता सैनी एवं बबली पाल सहित समूह से जुड़ी अनेक महिलाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर सक्रिय रूप से भाग लिया। इन सभी के सहयोग से शिविरों का संचालन सुचारु रूप से हुआ तथा अधिक से अधिक महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच सकीं।

सभी गांवों में आयोजित इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएँ एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पंचायत प्रतिनिधियों एवं समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत आवश्यक हैं और भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।

आईटीसी मिशन सुनहरा कल, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम, स्माइल फाउंडेशन तथा जिला स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पहल दर्शाती है कि सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के अभिसरण से समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक भी प्रभावी सेवाएँ पहुंचाई जा सकती हैं। यह स्वास्थ्य शिविर न केवल उपचार का माध्यम बना, बल्कि महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता, आत्मविश्वास और सामुदायिक सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण आधार साबित हुआ।

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