एम्स में आयोजित हुई दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन,भोजन नली के कैंसर में तकनीक आधारित इलाज लाभप्रद

प्रधान संपादक कमल मिश्रा
ऋषिकेश 16 मार्च 2026।
एम्स ऋषिकेश के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के तत्वाधान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में भोजन नली के कैंसर के आधुनिक तकनीक आधारित इलाज के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी। इस दौरान देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपचार की सर्जिकल तकनीकों पर अपने अनुभव भी साझा किए।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए डीन एकेडेमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने कहा कि सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में बेहतर परिणामों के लिए चिकित्सकों का नई तकनीकों से अपडेट रहना और मल्टीडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण अपनाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने इस प्रकार के अकादमिक सम्मेलन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मेडिकल शिक्षा और चिकित्सकों के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रोफे वार्ष्णेय ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम, विशेषज्ञों और युवा चिकित्सकों के बीच ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होते हैं। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, देवभूमि एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और एनाटॉमी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा भोजन की नली में कैंसर हो जाने की स्थिति में की जाने वाली सर्जरी (इसोफैजेक्टॉमी) पर व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला के पहले दिन भोजन नली के कैंसर की उन्नत सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। जबकि दूसरे दिन विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों का आयोजन कर भोजन नली के कैंसर के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही इस रोग के उपचार और प्रबंधन को लेकर ’मल्टीडिसिप्लिनरी चर्चा’ भी की गयी। इस दौरान विशेषज्ञों ने इस रोग के बेहतर इलाज और जटिल परिस्थितियों से निपटने के तौर-तरीकों पर अपने विचार साझा किए। कार्यशाला के दौरान रेजिडेंन्ट्स डॉक्टरों के लिए ’क्विज प्रतियोगिता’ का भी आयोजन किया गया। कार्यशाला में एम्स दिल्ली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के हेड डाॅ. सुनील कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला के आयोजक सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डाॅ. अमित गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन के दौरान देवभूमि एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी’ का औपचारिक गठन भी किया गया। उन्होंने बताया कि इस संस्था में डॉ. पंकज कुमार गर्ग (अध्यक्ष), डॉ. राहुल कुमार (महासचिव) तथा डॉ. शाश्वत तिवारी (कोषाध्यक्ष) के अलावा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। बताया कि संस्था का उद्देश्य सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देना और कैंसर उपचार की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। विभाग द्वारा भोजन नली में कैंसर ग्रस्त रोगियों की नियमित स्तर पर सर्जरी की जाती है। कार्यशाला में आयोजन सचिव डाॅ. ऋतु ठाकुर, डॉ. पंकज कुमार गर्ग और डॉ. राहुल कुमार, डाॅ. सुनील सैनी सहित देशभर से आए युवा सर्जन, विशेषज्ञ और रेजिडेंट्स शामिल थे।


