पिथौरागढ़

मिशन एप्पल योजना से पिथौरागढ़ में सेब उत्पादन को मिलेगा नया विस्तार, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

उत्तराखंड उवाच ब्यूरो 

पिथौरागढ़ | दिनांक: 18 मार्च 2026

जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कक्ष में “मिशन एप्पल योजना 2025–26” के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में सेब उत्पादन को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बढ़ावा देने तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य उद्यान अधिकारी अभिनव कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जनपद में वर्ष 2024–25 तक सेब (सीडलिंग आधारित) का कुल आच्छादित क्षेत्रफल 233.59 हेक्टेयर तथा फलदार क्षेत्रफल 78.30 हेक्टेयर है। प्रतिवर्ष लगभग 1537.70 क्विंटल सेब का उत्पादन किया जा रहा है। मिशन एप्पल योजना के तहत वर्ष 2022–23 से जिले के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से मुनस्यारी एवं धारचूला क्षेत्र में अनुकूल जलवायु का लाभ उठाते हुए सेब उत्पादन को विस्तार दिया जा रहा है।

बैठक में बताया गया कि योजना के अंतर्गत क्लोनल रूट स्टॉक आधारित उच्च घनत्व वाले सेब बागानों की स्थापना को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ-साथ वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्नत किस्मों का चयन, आधुनिक सिंचाई प्रणाली, ट्रेलिस प्रणाली का उपयोग एवं वैज्ञानिक पद्धति से बागवानी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक पहुंचाया जाए तथा चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सम्पन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से न केवल उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

योजना के तहत प्रति एकड़ भूमि पर बागान स्थापित करने हेतु विभिन्न मदों में व्यय का प्रावधान किया गया है, जिसमें भूमि विकास, गड्ढा खुदान, पौध रोपण सामग्री, उर्वरक, पौध संरक्षण, ट्रेलिस प्रणाली एवं सूक्ष्म सिंचाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पात्र किसानों को राज्य सहायता एवं स्वयं के अंश के आधार पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

बैठक में यह भी बताया गया कि योजना का लाभ व्यक्तिगत कृषकों एवं कृषक समूहों को दिया जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है तथा आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर पात्रता सुनिश्चित की जा रही है।

इस योजना के प्रभाव से जनपद में सेब उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि होने के साथ किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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