हरिद्वार

नगर निगम हरिद्वार का अतिक्रमण नियंत्रण का नया मॉडल, पहले वीडियोग्राफी, फिर कार्यवाही

उत्तराखंड उवाच (कमल मिश्रा)

हरिद्वार। नगर निगम हरिद्वार द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए एक नई कार्यप्रणाली अपनाई गई है, जिसके अंतर्गत अब कार्रवाई से पूर्व संबंधित क्षेत्र की वीडियोग्राफी कराई जा रही है और उसके आधार पर अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 08 जून, 2026 को नगर निगम द्वारा व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान संचालित किया गया।

अभियान की विशेषता यह रही कि निर्धारित क्षेत्र में कार्रवाई प्रारम्भ होने से पूर्व प्रातः लगभग 10:00 बजे सम्पूर्ण क्षेत्र की वीडियोग्राफी कराई गई। वीडियोग्राफी के माध्यम से फुटपाथों, नालियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित किया गया। इसके पश्चात नगर निगम की टीम द्वारा एक-एक अतिक्रमणकारी के पास पहुंचकर कार्रवाई की गई तथा अवैध रूप से लगाए गए बोर्डों एवं अन्य सामग्री को हटाकर जब्त किया गया।

अभियान के दौरान बिना लाइसेंस संचालित किए जा रहे ठेला-फड़ व्यवसायियों को भी हटाया गया तथा उनकी ठेलियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। टीम-1 के अंतर्गत सिटी मजिस्ट्रेट श्री हरगिरी, उप नगर आयुक्त  दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक श्रीकांत, सफाई निरीक्षक  अनिल कुमार, अतिक्रमण सहायक  आदित्य तेश्वर, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम की उपस्थिति में अभियान संचालित किया गया, जिसमें 90 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए।

वहीं टीम-2 के अंतर्गत उप जिलाधिकारी (एसडीएम)  योगेश मेहरा, अतिक्रमण प्रभारी एवं मुख्य सफाई निरीक्षक  अर्जुन सिंह, सफाई निरीक्षक  धीरेंद्र सेमवाल, अतिक्रमण सहायक  आदित्य तेश्वर, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम की टीम द्वारा जयराम आश्रम से वाल्मीकि चौक तक विशेष अभियान संचालित किया गया, जिसमें 50 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए तथा सार्वजनिक मार्गों एवं फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

नगर निगम द्वारा यह भी चेतावनी दी गई कि भविष्य में बाजार क्षेत्रों में नियमित रूप से जीपीएस युक्त फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई जाएगी। किसी भी अतिक्रमण विरोधी अभियान से पूर्व चिन्हित क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम द्वारा अतिक्रमणकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि फुटपाथ, नाली, सड़क अथवा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण पाए जाने पर जुर्माना, सामग्री जब्ती एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने कहा कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह साक्ष्य-आधारित अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा सभी व्यापारियों एवं नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।

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