
प्रधान संपादक कमल मिश्रा
हरिद्वार। स्वामी चिन्मयानंद महाराज जी की 110वीं जयंती महाविद्यालय में बड़ी धूम धाम, श्रद्धा, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव की 108 नामावली, गुरु स्तोत्रम् पाठ तथा भागवत गीता के 15वें अध्याय के सामूहिक उच्चारण से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आलोक अग्रवाल तथा चिन्मय शैक्षिक समिति के सचिव आलोक शुक्ला ने किया ।
इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने स्वामी जी के आध्यात्मिक विचारों, भारतीय संस्कृति के प्रति उनके योगदान एवं समाज सेवा के आदर्शों को स्मरण किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आलोक अग्रवाल ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद एक महानुभूति थे जिन्होंने चिन्मय मिशन की स्थापना की थी । उनके करकमलों द्वारा ही हरिद्वार में चिन्मय डिग्री कॉलेज की स्थापना हुई थी।
चिन्मय शैक्षिक समिति के सचिव आलोक शुक्ला ने स्वामी चिन्मयानंद महाराज एक महान आत्मीय पुरुष थे जिन्होंने अपने विचारों से पूरी दुनिया को एवं श्रीमद गीता के माध्यम से एक नई जोत जलाई। लोगो को जीवन का सार बताया।
मंच का संचालन डॉ. मधु शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकगण एवं गैरशिक्षक कर्मचारी भी उपस्थित रहे। अंत में प्रसाद वितरण किया गया तथा पूरे परिसर में भक्तिमय एवं सकारात्मक वातावरण बना रहा।



