चिन्मय डिग्री कॉलेज में भारत के महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन की याद में मनाया गया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में छात्र छात्राओं की विज्ञान पर आधारित कराई गई प्रतियोगिता
हरिद्वार। चिन्मय डिग्री कॉलेज में भारत के महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन की याद में, “विज्ञान में महिलाओं के योगदान थीम पर” मनाया गया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में विज्ञान पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता कराई गई।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ आलोक अग्रवाल ने कहा कि हर भारत में हर साल भारत के महान वैज्ञानिक सर सी. वी. रमन की याद में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। जिन्होंने विज्ञान को एक नई दिशा दी है साथ ही नए नए आयाम जोड़े है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान सिर्फ किताबों या प्रयोगशालाओं तक ही सीमित नहीं है। विज्ञान हमारे आसपास है, हमारी जिज्ञासा में जीवित है और नए प्रश्नों के माध्यम से बढ़ता है। यह हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए नवाचार लाता है।
उन्होंने कहा कि हर छात्र के अंदर कुछ नया खोजने की उत्सुकता होती है। यह दिन हमें उस उत्सुकता को पहचानने और बढ़ावा देने का अवसर देता है।
जब ज्ञान का मिलन उद्देश्य से होता है, तो नवाचार जन्म लेता है। वैज्ञानिक परिवर्तन विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा सकता है-स्वच्छ ऊर्जा के विकास से, जो हमारे ग्रह को सुरक्षित बनाने में मदद करता है, लेकर अंतरिक्ष अन्वेषण तक, जो हमें ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने का अवसर देता है। स्वास्थ्य सेवा में हुई प्रगति ने लोगों को बेहतर जीवन जीने में मदद की है, जबकि डिजिटल टेक्नोलॉजी ने दुनिया को एक छोटे से ग्लोब में बदल दिया है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव आलोक शुक्ला ने छात्र छात्राओं को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विज्ञान में पुरुषों के साथ साथ महिलाओं का योगदान युगांतरकारी रहा है जिन्होंने भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में अहम भूमिका निभाई है। मैरी क्यूरी से लेकर भारतीय वैज्ञानिक आनंदीबाई जोशीजानकी अम्माल और किरण मजूमदार-शा तकमहिलाओं ने चिकित्साजैव प्रौद्योगिकीऔर अंतरिक्ष मिशनों (जैसे चंद्रयान/मंगलयान) में अपनी मेधा का लोहा मनवाया है।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम तेजी से बदलते वैज्ञानिक और प्रौद्योगिक परिवर्तनों से आकार लेते भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, शिक्षा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन के साथ भारत वैज्ञानिक रूप से जिज्ञासु, सामाजिक रूप से उत्तरदायी और नवाचार-प्रेरित पीढ़ी तैयार कर रहा है, एक ऐसी पीढ़ी जो सतत और आत्मनिर्भर राष्ट्र में योगदान देने को तैयार है।
कार्यक्रम के अंत में छात्र छात्राओं द्वारा लगाई गई पोस्टर प्रदर्शनी प्रतियोगिता में प्रथम दीपांशी , द्वितीय जानवी और तृतीय स्थान तान्या शर्मा ने प्राप्त किया। प्रथम, द्वितीय ओर तृतीय स्थान पाने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कृत किया गया साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रतियोगिता में बीएससी तृतीय वर्ष से उजमा, वैष्णवी तान्या, सौम्या, दीपांशी, गायत्री, जानवी और एमसीसी फाइनल से दिशा सिंह , श्रुति अग्रवाल ने भाग लिया
इस अवसर पर मुख्य रूप से कार्यक्रम सयोजक डॉ स्वाती शुक्ला, डॉ मनीषा एसएफएस डायरेक्टर डॉ मधु शर्मा, डॉ पी के शर्मा , डॉ आनंद शंकर सिंह, डॉ दीपिका डॉ ओम कांत, डॉ संतोष कुमार एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहा



