राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में हुआ संस्कृत दिवस का आयोजन

प्रधान संपादक कमल मिश्रा
दिनांक 13 अगस्त 2025 । राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में संस्कृत, हिंदी व अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में संस्कृत दिवस समारोह के उपलक्ष्य में एक ऑनलाइन /ऑफलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. वेदव्रत रहे| कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी जी, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ किशोर सिंह चौहान एवं हिन्दी विभाग के डॉ यशवंत सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ.वेदव्रत ने ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को सम्बोधित करते हुए संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता , आधुनिक समय में संस्कृत भाषा की उपयोगिता तथा छात्रों को वेद के “मनुर्भव” इस वाक्य के माध्यम से मानवता का संदेश दिया| डॉ.वेदव्रत ने कालिदास, भास आदि के विभिन्न वाक्यों के माध्यम से छात्रों को संस्कृत के गौरव से अवगत कराया|
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी जी ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत समस्त भारतीय भाषाओं की जननी मानी जाती है। संस्कृत के बहुत से शब्द इन भाषाओं में प्रयोग होते हैं। संस्कृत भाषा ने इन भाषाओं को शब्द और सामर्थ प्रदान किया है। इतना ही नहीं बहुत सी अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में भी संस्कृत की झलक मिलती है। प्राचीन भारत की गौरव गाथाओं और महान संस्कृति इस भाषा में ही विद्यमान है।
कार्यक्रम संचालिका संस्कृत विभाग की प्राध्यापिका डॉ मंजू पाण्डे रही तथा हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ यशवंत सिंह ने छात्रों को विभिन्न भाषाओं की महत्ता विषय पर मार्गदर्शित किया। भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ. किशोर सिंह चौहान के द्वारा भारतीय संस्कृति तथा संस्कृत के महत्व पर जानकारी देकर विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन किया गया। अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक श्री आलोक बिजल्वाण के द्वारा सभी वक्ताओं का धन्यवाद व्यक्त किया गया|
इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं आंचल, गौरी, निधि,आइशा तथा छात्र आदित्य एवं विकास सोनी के द्वारा भी विभिन्न प्रस्तुतियां दी गईं।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी ने सभी उपस्थित जनों को आशीर्वचन देकर धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की नेहा विष्ट व डॉ. निशि दुबे तथा अन्य सभी प्राध्यापक, कर्मचारी एवं कला संकाय के छात्र उपस्थित रहे|


