रुड़की

ब्राह्मण समाज रुड़की द्वारा पितृ पक्ष में पूर्वज विभूतियों के परिजनों को “सामाजिक विभूति सम्मान” से किया गया सम्मानित

इमरान देशभक्त 

 रुड़की। ब्राह्मण समाज रुड़की के द्वारा अपने समाज के ऐसी पूर्वज विभूतियां को जिनका संपूर्ण जीवन समाज के उत्थान में समर्पित रहा उन्हें “सामाजिक विभूति सम्मान” से पितृपक्ष में उनके घर जाकर उनके परिजनों को सम्मानित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।संयोजक सौरभ भूषण शर्मा ने कहा कि मरणोपरांत समाज के युवाओं द्वारा अपने समाज की विभूतियों को सामाजिक विभूति सम्मान से उन्हें सम्मानित कर एक सराहनीय कार्य किया है,इस कार्य से समाज की युवा पीढ़ी को अच्छे कार्य एवं सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।अपने जीवन काल में सब अपने लिए तो कार्य करते ही हैं,किन्तु अपने कार्यों के साथ-साथ समाज के उत्थान में जो कार्य किए जाते हैं,उसे समाज हमेशा याद रखना है।पितृ पक्ष में स्व०पंडित रूपचंद शर्मा,स्व०पंडित शिव प्रकाश वैध,स्व०पंडित विद्यानंद कौशिक,स्व०पंडित दाताराम,स्व०पंडित आत्माराम परिवार के वरिष्ठ जनों को सम्मानित करने के पीछे हमारा यही उद्देश्य है कि आज हमने अपने पूर्वजों को याद किया और उनके परिवार को सम्मानित किया,जिससे प्रेरणा लेकर अन्य व्यक्ति भी समाज के निस्वार्थ भाव से उत्तम कार्य के लिए प्रयास करेंगे।पूर्व अध्यक्ष जनपदीय ब्राह्मण सभा देवेंद्र शर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम से हमारे युवाओं के संस्कारों का पता चलता है कि हमारे युवा अपने बड़ों का सम्मान जीवन काल में तो करते ही हैं,साथ-साथ मरणोपरांत भी उन्हें याद रखते हैं और उनका सम्मान करते हैं।युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आदित्य शर्मा ने कहा कि हम युवाओं को ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए,जब हम अपने बड़ों का सम्मान करेंगे तो वे भी हमें आशीर्वाद देंगे।बड़ों का आशीर्वाद कभी भी खाली नहीं जाता,इसलिए हर युवा पीढ़ी को अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए।युवा प्रकोष्ठ के महामंत्री रोहित शर्मा ने कहा कि हमें अपने बड़ों से प्रेरणा लेनी चाहिए।उन्होंने अपने जीवन काल में समाज के लिए कार्य किया है तभी आज हम आगे की पंक्ति पर खड़े हैं।हर व्यक्ति को समाज के लिए कुछ ना कुछ कार्य करते रहने चाहिए जो आगे जाकर प्रेरणा का विषय बनते हैं।

 ब्राह्मण समाज रुड़की द्वारा पितृ पक्ष में स्वर्गवासी विभूतियों के परिजनों को “सामाजिक विभूति सम्मान” से किया गया सम्मानित

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