स्वच्छोत्सव 2025 का भव्य समापन एवं स्वच्छ दूत का सम्मान समारोह

प्रधान संपादक कमल मिश्रा
हरिद्वार।
17 सितंबर से प्रारंभ हुए “स्वच्छता ही सेवा स्वच्छोत्सव 2025” महोत्सव का आज भव्य समापन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्वच्छता की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं एवं स्वच्छ दूतों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आज के कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत , आईटीसी मिशन सुनहरा कल के परियोजना प्रमुख पमेश कुमार, वरिष्ठ पदाधिकारी सचिन कांबले रहे। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक डॉ. पंत जी द्वारा किया गया।

सम्मान समारोह में आईटीसी मिशन सुनहरा कल के सहयोग से कार्यरत विभिन्न सामाजिक संस्थाओं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम बंधन, प्रथम फाउंडेशन पीपल टू पीपल हेल्थ फाउंडेशन मैजिक बस फाउंडेशन लोक मित्र संगठन के अतिरिक्त शिवालिक नगर पालिका के वार्ड संख्या 5 से 13 तक कार्यरत 72 स्वच्छ दूतों को उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि मीरा रावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में किसी भी कार्य या सेवा से पीछे नहीं हटना चाहिए। स्वच्छता की शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी। जब हम स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, तभी हमारे बच्चे सीखेंगे और वही बच्चे राष्ट्र का भविष्य बनेंगे।

उन्होंने आगे आईटीसी मिशन सुनहरा कल के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज देश में अनेक कंपनियाँ हैं, परंतु ज़मीन पर उतरकर स्वच्छता एवं समाज हित में कार्य करने वाली पहल केवल आईटीसी द्वारा ही देखने को मिलती है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा भी समय-समय पर इसके कार्यों की सराहना की गई है।
परियोजना प्रमुख पमेश कुमार ने मुख्य अतिथि को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
प्रथम की वरिष्ठ कार्यकर्ता आशा रानी ने विजयादशमी के पावन अवसर पर मुख्य अतिथि को पुष्पमाला अर्पित कर अभिनंदन किया।
“स्वच्छता ही सेवा” के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए आईटीसी मिशन सुनहरा कल ने हरिद्वार में विभिन्न संस्थाओं और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर: स्वच्छता जागरूकता अभियान, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता शिविर, विद्यालयों एवं मंदिरों में स्वच्छता अभियान जैसी कई गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया है।
यह पहल न केवल शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में स्वच्छ दूतों की सशक्त भूमिका स्थापित करने का भी एक अनुकरणीय उदाहरण है।




