Blog

चिन्मय डिग्री कॉलेज में बड़ी सादगी के साथ मनाई गई स्वामी चिन्मयानंद महाराज  की पुण्यतिथि 

कमल मिश्रा

हरिद्वार। चिन्मय डिग्री कॉलेज में बड़ी सादगी के साथ मनाई गई स्वामी चिन्मयानंद महाराज की पुण्यतिथि। कार्यक्रम का शुभारंभ चिन्मय मिशन के सचिव आलोक शुक्ला और कॉलेज के प्राचार्य डॉ आलोक अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित के साथ उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया।

इस अवसर पर कॉलेज की एसएफएस डायरेक्टर मधु शर्मा ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि स्वामी जी एक उच्चकोटि के संत थे

स्वामी चिन्मयानंद (गुरुदेव) का जन्म 8 मई 1916 को केरल के एर्नाकुलम में बालकृष्ण मेनन के रूप में हुआ था। वे प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और युवा ऊर्जा से परिपूर्ण थे। अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के बाद, उन्होंने लेखन के क्षेत्र में एक आशाजनक करियर की शुरुआत की, लेकिन जल्द ही पत्रकार के रूप में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में खुद को समर्पित कर दिया।

कारावास और गंभीर बीमारी से उबरने के बाद, 1942 में वे एक नए दृष्टिकोण के साथ उभरे। पत्रकारिता में लौटकर, उन्होंने भारत में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सुधार के लिए काम करने की तीव्र इच्छा महसूस की। उनकी आंतरिक खोज उन्हें तीर्थ नगर ऋषिकेश ले गई। यहाँ, युवा संशयवादी मेनन की मुलाकात स्वामी शिवानंद से हुई और उनके जीवन में एक अद्भुत परिवर्तन का आरंभ हुआ। बाहरी दुनिया के बजाय, उनके प्रश्न अंतर्मन की ओर मुड़ गए, जिससे आत्म-खोज की यात्रा शुरू हुई। भारत के भविष्य में स्वामियों की भूमिका की आलोचना करने के एक पत्रकार के मिशन के रूप में जो शुरू हुआ था, वह एक जीवन-परिवर्तनकारी अनुभव में बदल गया, जब उन्होंने संन्यास का मार्ग अपनाने का निर्णय लिया।

उनका नाम स्वामी चिन्मयानंद रखा गया, जिसका अर्थ है परमानंद और चेतना में परिपूर्ण। उनकी क्षमता और अधिक सीखने की जिज्ञासा को देखते हुए, स्वामी ने उन्हें स्वामी चिन्मयानंद के नाम से पुकारा।

स्वामी चिन्मयानंद महाराज ने अपने जीवन में कई ऐसे कार्य किए है जिनसे लोगों को नई प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो आनंद शंकर सिंह, डॉ पी के शर्मा, डॉ मनीषा, डॉ दीपिका , सुरभि, डॉ ओम कांत, डॉ संतोष कुमार, राकेश चतुर्वेदी, विक्रम सिंह नेगी, अभिनव ध्यानी, रमन चावला, सुशील कुमार, राहुल कुमार, कमल मिश्रा, राजेश ठाकुर, सोनू कुमार, राजेंद्र सिंह, यशपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!