मां मनसा देवी मंदिर में गूंजा स्वच्छता का संदेश,स्वच्छता में सहभागिता, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” का दिया संदेश

कमल मिश्रा
हरिद्वार। आस्था की पवित्र नगरी हरिद्वार में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में “स्वच्छता ही सेवा 2026” अभियान के अंतर्गत मां मनसा देवी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। आईटीसी मिशन सुनहरा कल, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम (SBMA) एवं नगर निगम हरिद्वार के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस अभियान में स्वच्छता के साथ सामाजिक सहभागिता और नागरिक जिम्मेदारी का प्रभावशाली संदेश दिया गया।

मां मनसा देवी मंदिर केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार की पहचान भी है। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर स्वच्छता अभियान आयोजित कर आयोजकों ने यह संदेश दिया कि आस्था के साथ स्वच्छता भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

अभियान के दौरान मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान करते हुए स्वच्छता कार्यों में सहभागिता की तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। अभियान में स्वच्छता को केवल कूड़ा उठाने तक सीमित न रखते हुए इसे व्यवहार परिवर्तन, सामाजिक जिम्मेदारी और संस्कार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

स्वच्छता बनेगी जनभागीदारी का अभियान
अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को संदेश दिया गया कि किसी भी शहर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी केवल नगर निकाय या सफाई कर्मचारियों की नहीं है। हर नागरिक की छोटी-सी जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता स्वच्छता के बड़े बदलाव का आधार बन सकती है।

यदि हम धार्मिक स्थलों, घाटों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का संकल्प लें तथा कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने की आदत विकसित करें, तो स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं रहेगी, बल्कि समाज की जीवनशैली का हिस्सा बन जाएगी।
स्वच्छ हरिद्वार से विकसित भारत की ओर
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की नींव रखता है और स्वस्थ समाज ही विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आईटीसी मिशन सुनहरा कल और श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम (SBMA)* द्वारा नगर निगम हरिद्वार के सहयोग से चलाया जा रहा यह प्रयास स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता और सामुदायिक जिम्मेदारी के समन्वय का उदाहरण बना।
अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक दिन या एक अभियान का विषय नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला सामाजिक दायित्व है।
मां मनसा देवी मंदिर परिसर से उठी स्वच्छता की यह आवाज हरिद्वार से पूरे समाज तक एक स्पष्ट संदेश देती है—
“स्वच्छता में सहभागिता • स्वच्छ भारत • विकसित भारत” स्वच्छ हरिद्वार, स्वच्छ भारत! हमारी सहभागिता, भारत के विकास की शक्ति!




