आस्थाहरिद्वार

श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से ज्ञान प्राप्ति के साथ जीवन में परिवर्तन आता है- महंत विष्णु दास

श्रवण झा

हरिद्वार। श्री सदगुरु देव साकेत वास श्री श्री 1008 श्री महंत परम श्रद्धेय नृसिंह दास महाराज ढोरियांवाले जी की बीसवीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में में जारी श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा प्रारम्भ करते हुए कथा व्यास आचार्य रविशंकर नैमिषारण्य ?केकेकेयूपी ने कहा कि इस संसार का सार हमें समझना होगा। जीवन को सफल बनाने के लिए तीन बांतों सत्संग, धर्म और गंगा दर्शन को ध्येय बनाकर चलना चाहिए। उन्होने श्रद्वालु श्र्रोताओं को भागवत कथा की महिमा बताते हुए कहा कि इस धरा पर केवल संत्संग ही जीवन को सफल बनाने का रास्ता दिखाता है। श्रीगुरू सेवक निवास में जारी कथा प्रारम्भ होने के अवसर पर उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष श्री महंत विष्णु दास महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान का अथाह भण्डार है। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से ज्ञान प्राप्ति के साथ जीवन में परिवर्तन आता है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं के माध्यम से बताया है कि माता-ंपिता एवं बड़ों का सम्मान करने से जीवन की समस्त विघ्न बाधाएं दूर हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में कई अन्य कार्यक्रम भी संपन्न होंगे। गुरूवार को कथा के तीसरे दिन का शुभारंभ श्री महंत विष्णु दास ने श्रीमद भागवत जी की पूजा अर्चना एवं कथा व्यास का पूजन कर किया। इस मौके श्री रामानंदीय श्री वैष्णव मंडल हरिद्वार के कई संतगण, श्री रामानंदीय आश्रम के महामण्डलेश्वर महन्त प्रेम दास , सहित बड़ी संख्या में कई वरिष्ठ संत मौजूद रहे। कथा श्रवण करने वालों में मुख्य रूप से श्रीमती नीलम अनिल मलिक श्रीमती गीतका अंकुर मलिक श्रीमती अंकित सिद्धार्थ चतुर्वेदी अभी अयान आर्थिक आर्थिव श्रीमती चांद बृजमोहन सेठ गुड़गांव, पुनीत दास,राघवेंद्र दास,अमन दास के अलावा अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

 

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