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शहीद के नाम पर स्वीकृत, लखनी बंगला, एराडी की सड़क आठ वर्ष बीत जाने के बाद आज भी अधर में

स्वीकृति के आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण न होना , बंगला ओर एराडी के लोगों के पलायन का बनी मुख्य कारण

 

डबल इंजन की सरकार में अभी भी मरीज को   बाजार दिखाने लाया जाता है डोलियों में

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और सरकार कर रही है लखनी बंगला, एराडी की जनता के साथ सौतेला व्यवहार

बागेश्वर । लखनी एराडी गांव की जनता को अभी भी सड़क न होने के कारण विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझना पर रहा है। इस ओर न तो कोई जनप्रतिनिधि सुनवाई कर रहा है और न ही प्रशाशन के कोई अधिकारी । बस पिछले आठ वर्षों से आश्वाशन ही मिल रहा है ।

आपको बताते चलें कि 9 नवंबर 2017 में लखनी बंगला होते हुए एराडी तक चार किलोमीटर सड़क स्वीकृत हुई थी।

लेकिन 8 वर्ष बीत जाने के पश्चात आज भी सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। जबकि वर्ष 2020 में उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दे दिया है। साथ ही वन क्षेत्र की क्षतिपूर्ति के लिए दोगुनी भूमि का प्रावधान भी उप जिला अधिकारी के माध्यम से 5 दिसंबर 2024 को दिया गया है इसके बाद भी यहां पर सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है ।

ग्रामीणों ने बताया कि 2017 में जितनी भी सड़क स्वीकृत हुई थी सब पर गाड़िया दौड़ने लगी है।

बस सिर्फ अभी तक लखनी बंगला होते हुए एराडी की सड़क में विलंब हो रहा है।

आपको अवगत कराते चले कि ग्रामीण लोगों के प्रतिनिधि जिलाधिकारी , उपजिलाधिकारी, एवं लोनिवी के अधिकारियों से भी कई बार मिलकर उपरोक्त सड़क के लिए मिल चुके है । लेकिन फिर भी ग्रामीणों की समस्या हल नहीं हो पा रही है।

 

इस संबंध के बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीण नवीन चंद्र मिश्रा ने बताया कि सड़क के स्वीकृत होने के बाद आज आठ वर्ष बीत चुके है लेकिन अभी तक हमारे गांव में सड़क नहीं आ पाई है ।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों में मायूसी छाई है । उन्होंने बताया कि आज भी अगर कोई बुजुर्ग या अन्य कोई भी बीमारी होता है तो उसको डोली के सहारे बाजार तक लाया जाता है ।

उन्हें प्रदेश के यशस्वी युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी गुहार लगाते हुए अपील की इस सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र करवाया जाए। जिससे इस गांव के लोग भी समस्याओं से निजात पा सके।

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ग्रामीण की 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने जीते जी इस सड़क ने निर्माण की अपील प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी जी से की है।

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एराडी गांव के पूर्व ग्राम प्रधान राजन पांडे ने कहा कि उपरोक्त सड़क जो कि गांव के शहीद युवक के नाम पर 2017 में स्वीकृत की गई थी जिस पर अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं हो पा रही है जैसे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है

 

उन्होंने कहा कि हमारी प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी जो कि स्वयं एक सैन्य परिवार से है । समस्त ग्रामीण जनता उनसे उपरोक्त सड़क के बारे में शीघ्र संज्ञान लेने की अपील करती है।

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स्वीकृति के आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण न होना , बंगला ओर एराडी के लोगों के पलायन का बनी मुख्य कारण

गांव में सड़क, चिकित्सा सुविधा का अभाव, छात्र छात्राओं को स्कूल की लंबी दूरी तय करने में बनी परेशानियों के कारण आज  बंगला ओर एराडी , लखनी  गांव के  लोगों का पलायन बढ़ता ही जा रहा है। इन सब का मुख्य कारण है सड़क का न होना  अगर सड़क है तो  कुछ हद तक समस्याओं से निजात मिल सकता है।  इन गांवों में प्राथमिक उपचार  हेतु न तो कोई डिस्पेंसरी है और न ही कोई अन्य सुविधाएं। जहां पर ग्रामीण लोगों को छोटी छोटी दिक्कतों के साथ साथ  गर्भवती  महिलाओं को भी प्राथमिक उपचार हेतु गरुड़ और बागेश्वर  ले  जाना  पड़ता है।

 

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