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आईटीसी मिशन सुनहरा कल की विद्यालय सुधार की दिशा में बड़ी पहल

राजकीय प्राथमिक विद्यालय रावली (प्रथम) में शौचाल

प्रधान संपादक कमल मिश्रा 

हरिद्वार। रावली महदूद स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय रावली (प्रथम) में आज आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं उसकी सहयोगी संस्था श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बालक एवं बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक शौचालय ब्लॉक तथा विद्यालय सुधारीकरण एवं जीवन कौशल विकास कार्यक्रम का विधिवत शिलान्यास ग्राम रावली महदूद के सम्मानित ग्राम प्रधान  प्रमोद पाल के कर-कमलों द्वारा किया गया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधान  प्रमोद पाल  ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शौचालय ब्लॉक के निर्माण से विशेषकर बालिकाओं की उपस्थिति एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता में वृद्धि होगी। उन्होंने आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम द्वारा शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

इस अवसर पर संकुल संसाधन केंद्र के प्रमुख  अनुज चौहान ने कहा कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव है। आईटीसी मिशन सुनहरा कल का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में राजकीय प्राथमिक विद्यालय रावली (प्रथम) के प्रधानाचार्य  गौरव रस्तोगी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रावली (द्वितीय) की प्रधानाचार्या  संगीता सिंह, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रोहालकी किशनपुर के प्रधानाचार्य  दिनेश, आईटीसी मिशन सुनहरा कल की सहयोगी संस्थाओं पीपीएचएफ, लोक मित्र, प्रथम फाउंडेशन, प्रथम इन्फोटेक तथा श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के प्रतिनिधि, विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, अभिभावक माताएँ, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान “जीवन उद्भव” एवं विद्यालय उन्नयन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई, जिनके माध्यम से बच्चों में स्वच्छता, स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों एवं जीवन कौशल का विकास किया जाएगा।

यह आयोजन न केवल विद्यालय में स्वच्छता एवं आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाला एक प्रेरणादायी प्रयास भी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के अन्त में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी  मीरा रावत ने विद्यालय के बच्चों को स्वच्छता शपथ भी दिलाई गई।

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