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राज्य स्थापना की रजत जयंती पर खुशहाल उत्तराखंड” थीम पर आईटीसी मिशन द्वारा किया  भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन

राज्य स्थापना की रजत जयंती पर स्वास्थ्य और जनजागरूकता का संगम

प्रधान संपादक कमल मिश्रा 

हरिद्वार, उत्तराखंड।
राज्य स्थापना की रजत जयंती के शुभ अवसर पर आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं स्वास्थ्य विभाग, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में “स्वस्थ एवं पोषित समुदाय — खुशहाल उत्तराखंड” थीम पर एक भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली जैसे ही सीएमओ कार्यालय से निकली, “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार”, “सही पोषण, देश रोशन” और “कुपोषण मिटाओ, सुपोषण अपनाओ” जैसे नारों से रोशनाबाद गुंजायमान हो उठा। रैली के मुख्य आकर्षण बिंदु

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष बल

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जनमानस को जागरूक करना था। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वयंसेवकों ने महिलाओं को बताया कि

गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर जांचें कराना आवश्यक है।

आयरन एवं फोलिक एसिड की नियमित खुराक लेना अत्यंत जरूरी है ताकि माँ और शिशु दोनों स्वस्थ रहें।

संस्थागत प्रसव से मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है, अतः सभी महिलाओं को अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित किया गया।

जन्म के तुरंत बाद शिशु को स्तनपान कराना और छह माह तक केवल माँ का दूध ही देना सर्वोत्तम पोषण माना गया।

छठे माह के बाद शिशु को स्तनपान के साथ-साथ ऊपरी आहार शुरू करने की सलाह दी गई, जिससे बच्चे का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

रैली में आईटीसी मिशन सुनहरा कल के प्रतिनिधि श्री सचिन कांबले, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम, प्रथम फाउंडेशन, लोकमित्र तथा पीपल्स टू पीपल फाउंडेशन के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी प्रतिभागियों ने जनजागरूकता के संदेशों से सुसज्जित तख्तियां और बैनर लेकर जनसामान्य से संवाद स्थापित किया।

रैली मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, हरिद्वार से प्रारंभ होकर कचहरी परिसर तक निकाली गई। पूरे मार्ग में “स्वस्थ होगा जब हर बच्चा, भविष्य होगा तब सच्चा” के नारे गूंजते रहे।

सामूहिक संकल्प का प्रतीक

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिंह ने कहा कि  “एक स्वस्थ राज्य की नींव तब ही मजबूत होगी जब हमारी माताएँ और बच्चे स्वस्थ व पोषित होंगे। कुपोषण मिटाने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।”

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने “सुपोषित उत्तराखंड – सशक्त उत्तराखंड” के संकल्प के साथ स्वस्थ, स्वच्छ और पोषित समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

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