ऑपरेशन स्माइल अभियान को लेकर पुलिस की सख्ती, बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एसएसपी कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक

वरिष्ठ पत्रकार राकेश चौधरी
हरिद्वार: ऑपरेशन स्माइल अभियान को लेकर पुलिस की सख्ती, बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) उत्तराखंड के निर्देश पर नोडल अधिकारी/क्षेत्राधिकारी सदर हरिद्वार निशा यादव द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में ऑपरेशन स्माइल अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य गुमशुदा बच्चों एवं महिलाओं की तलाश, उनके संरक्षण तथा पुनर्वास से जुड़े कार्यों की प्रभावी समीक्षा एवं दिशा-निर्देश जारी करना रहा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए नोडल अधिकारी निशा यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों एवं महिलाओं के हितों की अनदेखी नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा या महिला जोखिम की स्थिति में पाया जाता है तो उसे तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। बच्चों के मिलने की स्थिति में उन्हें बिना किसी देरी के बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है।
निशा यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि देशभर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में बच्चे एवं महिलाएं लापता होती हैं, जो समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में बालक-बालिकाओं एवं महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि ऑपरेशन स्माइल के तहत किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य को पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया जाए।
बैठक में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रिय बंधु, सहायक श्रम आयुक्त धर्मराज, बाल कल्याण समिति के सदस्य सुनीता चौधरी एवं दिनेश शर्मा सहित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के सभी सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आपसी समन्वय के साथ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर विचार साझा किए।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि ऑपरेशन स्माइल के अंतर्गत पुलिस, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट मिलकर निरंतर कार्रवाई कर रही है, ताकि गुमशुदा बच्चों व महिलाओं को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके और मानव तस्करी जैसी गंभीर घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
बैठक के अंत में नोडल अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों से समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग की सुरक्षा ही इस अभियान का मूल उद्देश्य है।




