हरिद्वार

रक्षाबंधन पर स्वच्छता दूतों के सम्मान में बांधी राखी, स्वच्छता के प्रति जताया उनका  आभार

कमल मिश्रा 

हरिद्वार शिवालिक नगर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और रक्षा के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए *श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम (SBMA) एवं आईटीसी मिशन सुनहरा कल* द्वारा शिवालिक नगर में स्वच्छता के लिए निरंतर कार्य करने वाले स्वच्छ दूतों एवं पर्यावरण मित्रों के साथ रक्षाबंधन का पर्व विशेष रूप से मनाया गया।

इस अवसर पर मोहल्ला समितियों की महिलाओं एवं विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्वच्छ दूतों को राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान, स्नेह और आभार व्यक्त किया। इस पहल का उद्देश्य समाज को यह संदेश देना था कि जो लोग प्रतिदिन हमारे घरों, गलियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए निरंतर मेहनत करते हैं, वे समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सम्माननीय हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत शिवालिक नगर की 20 मोहल्ला समितियों तथा 3 विद्यालयों में विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान 105 महिलाओं एवं 76 विद्यार्थियों ने कुल 27 स्वच्छ दूतों/पर्यावरण मित्रों को राखी बांधकर उनका सम्मान किया। महिलाओं और बच्चों ने उन्हें मिठाई खिलाई तथा उनके स्वस्थ, सुरक्षित एवं सुखद जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ दूतों के प्रति सम्मान, अपनत्व और कृतज्ञता का भाव देखने को मिला।

स्वच्छ दूत केवल सफाईकर्मी नहीं, स्वस्थ समाज के प्रहरी हैं

कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में स्वच्छ दूतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए कचरे का संग्रहण एवं सफाई कर हमारे आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

स्वच्छता केवल सड़कों और गलियों को साफ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध स्वास्थ्य, पर्यावरण, सम्मानजनक जीवन और समाज की खुशहाली से है। नियमित सफाई एवं उचित कचरा प्रबंधन के अभाव में गंदगी, दुर्गंध, मच्छरों तथा विभिन्न संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में स्वच्छ दूतों का कार्य पूरे समुदाय के स्वास्थ्य एवं स्वच्छ वातावरण की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

बच्चों ने लिया स्वच्छता का संकल्प

विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान बच्चों को समझाया गया कि स्वच्छता केवल स्वच्छ दूतों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। घर से निकलने वाले कचरे को इधर-उधर न फेंकना, गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखना, सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करना तथा स्वच्छता कर्मियों का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

 

बच्चों ने स्वच्छ दूतों को राखी बांधकर भावनात्मक संदेश दिया

“आप हमारे लिए केवल सफाई करने वाले नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण के रक्षक हैं।”

इस पहल ने बच्चों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी एवं श्रम के सम्मान की भावना को और अधिक मजबूत किया।

सम्मान से बढ़ता है स्वच्छता कर्मियों का मनोबल

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि पर्यावरण मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों के कार्य को सम्मान देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जिस प्रकार हम समाज की सुरक्षा और सेवा करने वाले लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं, उसी प्रकार स्वच्छ दूत भी हमारे दैनिक जीवन को बेहतर, स्वस्थ और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रक्षाबंधन के अवसर पर राखी बांधने की यह पहल केवल एक त्योहार मनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने स्वच्छता, सम्मान, समानता, सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया।

श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम एवं आईटीसी मिशन सुनहरा कल की इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता कर्मियों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार बनाना है।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ शहर केवल सफाई से नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार नागरिकों और स्वच्छ दूतों के सम्मान से बनता है।”“स्वच्छ दूतों का सम्मान—स्वच्छ समाज की पहचान।”

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!