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पंजनहेड़ी गोलीकांड के शेष तीनों आरोपी गिरफ्तार, भेजे जेल

बजरंग दल के नेताओं ने गिरफ्तारों को छुड़ाने के लिए कनखल थाने में झोंकी ताकत,  दवाब नहीं माना तो महिलाओं को आगे कर दारोगाओं पर लगाए गंभीर आरोप 

वरिष्ठ पत्रकार जोगेंद्र मावी

हरिद्वार। पंजनहेड़ी गोलीकांड प्रकरण में तीन फरार आरोपियों को कनखल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनका मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें सीजेएम संदीप कुमार की कोर्ट ने 14 दिन की न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं, आरोपियों को थाने में लाने के दौरान बजरंग दल के नेताओं के साथ परिजनों ने पुलिस पर छोड़ने के लिए दवाब बनाया। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

मातृसदन के ब्रह्मचारी सुधानंद ने ऊषा टाउनशिप में अवैध प्लॉटिंग की शिकायत एचआरडीए में की। एचआरडीए ने उनकी शिकायत पर तहसील प्रशासन की टीम के साथ जांच कराने के लिए निर्देश दिए। 28 जनवरी को भूमि की पैमाइश के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने मातृसदन के ब्रह्मचारी सुधानंद के साथ में पंजनहेडी निवासी भाजपा नेता अतुल चौहान, भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरूण चौहान के साथ अन्य लोग भी आए। शिकायतकर्ता के साथ आए अन्य लोगों का प्लॉटिंग कर रहे जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान ने विरोध किया। लेकिन इस दौरान हुई मारपीट के दौरान अतुल चौहान, तरूण चौहान आदि ने अपनी लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग करनी शुरू कर दी। अंधाधुंध हुई फायरिंग के दौरान अमित चौहान के भाई सचिन चौहान, रिश्तेदार कृष्णपाल को गोली लग गई। जिनका लंबे समय तक एम्स ऋषिकेश में इलाज चला।

वहीं, इस मामले में मुख्य आरोपी अतुल चौहान ने कनखल थाने में सरेंडर कर दिया था तो अन्य आरोपी तरूण चौहान, अभिषेक चौहान, गौरव चौहान, ब्रह्मचारी सुधानंद फरार हो गए। ब्रह्मचारी सुधानंद को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। जबकि तरूण, अभिषेक, गौरव चौहान को अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी। मामले में मुख्य आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। जिन्हें कनखल थाना पुलिस ने 9 मार्च को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

बजरंग दल के नेताओं ने पुलिस पर बनाया दवाब

कनखल थाना पुलिस परिसर में बजरंग दल के नेताओं की भीड़ पहुंच गई। उन्होंने तरूण, अभिषेक, गौरव को छोड़ने के लिए पुलिस पर दवाब बनाया। न छोड़ने पर बजरंग दल के नेताओं ने पुलिसकर्मियों पर अनर्गल आरोप लगाए। लेकिन पुलिस इनके दवाब में नहीं आई। कनखल प्रभारी ने भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कराया और आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर निकली। इस पर बजरंग दल के नेता बिफर गए और पुलिस पर आरोप लगाने लगे। पुलिस को तो कतई गुंडों को संरक्षण देने वाला समूह बना दिया। बजरंग दल के जिला संयोजक अमित मुलतानिया ने तो हदें ही पार कर दी। अमित मुलतानिया ने पुलिस पर ऐसे—ऐसे लांछन लगा दिए जैसे पुलिसकर्मी अपराध पर नियंत्रण नहीं करती हो केवल अपराधियों की सरगना हो। जब बजरंग दल वालों की नहीं चली तो उन्होंने महिलाओं का साथ लिया। महिलाओं से पुलिस पर आरोप लगवाए। हालांकि पुलिस ने बिना दवाब के अपनी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों को मेडिकल कराने के लिए लेकर चली गई।

सीजेएम कोर्ट ने भेजा जेल

कनखल थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों का मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश किया। आरोपियों को सीजेएम संदीप कुमार की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीनों को 14 दिन की न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

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