पौड़ी गढ़वाल

सामाजिक कार्यकर्ता और राज्य आंदोलनकारी जेपी जोशी हुए पंच तत्व में विलीन

जोशी जी का संपूर्ण जीवन समाज और राज्य के लिए रहा समर्पित - डॉ हरिनारायण जोशी

उत्तराखंड उवाच ब्यूरो 

पौड़ी। सामाजिक कार्यकर्ता और राज्य आंदोलनकारी जेपी जोशी हुए पंच तत्व में विलीन जोशी जी का संपूर्ण जीवन समाज और राज्य के लिए रहा समर्पित ।

उनके जीवन परिचय के बारे में संपूर्ण जानकारी  देते हुएडॉ0 हरिनारायण जोशी अंजान ने बताया कि   जेपी जोशी अपने पूरे जीवन काल में एक समूह और एक संस्था के नाम और काम जैसा व्यक्तित्व था। उन्होंने अपने नाम के आगे कभी सामाजिक कार्यकर्ता तो नहीं लिखा किंतु समाज हित उनके मन मस्तिष्क और स्वभाव में कूट-कूट कर भरा हुआ था। हम उन्हें जब कभी अपनी कोई एक समस्या बताते थे तो वे एक दो और का निराकरण करके सामने आ जाते थे। उन्हें न कभी आलस होता था और बहाने शब्द से वे परिचित ही नहीं थे।

उनका शारीरिक सौष्ठव भी गजब का था। लंबा गोरा और सुडौल बदन। चेहरे पर हमेशा चमकदार दाढ़ी। कुछ लोग उन्हें दाढ़ी वाले जोशी जी भी कहा करते। ‌ हमारे गांव में वे सम्भ्रांत परिवार से भी थे और उनके पिता पंडित झनानंद जोशी प्रख्यात ज्योतिषी थे। हमारे गांव के भी बहुत कम लोगों को ज्ञात होगा कि जेपी जोशी अपनी आरंभिक पढ़ाई करने के बाद गोन्नी सिल्का खाल में कुछ समय के लिए अध्यापक भी रहे। तब हम वहां अध्ययनरत थे।‌ बीएच ईएल के अपने सेवा काल में वे अनेक संस्थाओं से जुड़े रहे और हर जरूरतमंद की सहायता करते रहे। ‌ बातचीत में उनके चेहरे पर मुस्कुराहट नहीं बल्कि हर वक्त खिलखिलाहट रहती थी और किसी की भी किसी भी प्रकार की समस्या के निवारण के लिए वे सदैव तत्पर रहते थे। ‌ उन्हें जब अपने गांव सोन्नी विकास ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया तो उन्होंने प्राणपण से इस गुरुत्तर कार्य को निभाया। और उनके निर्देशन में गांव में अनेक कार्य संपन्न हुए। ‌ वह एक कार्य की सहमति के लिए ट्रस्ट के सदस्यों के साथ-साथ कम से कम 50 लोगों को एक दिन में फोन करके उनकी सहमति और असहमति प्राप्त करते थे।‌ वे सार्वजनिक कार्यों के हित में कभी थकते नहीं थे। और हर संभव आर्थिक सहायता के लिए भी अग्रणी बने रहते थे। उनके पड़ोस उनके परिचित उनके रिश्तेदार और उनके सभी संगी साथी जानते और समझते हैं कि जेपी जोशी निस्वार्थ भाव से आमजन के सहयोगी और संरक्षक व्यक्तित्व थे।

आज वे इस धरा धाम से विदा हो गए हैं हम परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनका आशीर्वाद हम पर सदा बना रहे। उनकी प्रेरणा से हम अपने जीवन को आगे बढ़ते रहें

 

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