जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी , नगर निगम एवं आईटीसी मिशन सुनहरा कल के संयुक्त तत्वावधान में चलाया गया वृहद स्वच्छता अभियान
ऋषिकुल चौक स्थित कश्यप घाट पर स्वच्छता का महाअभियान: 38 कट्टे कचरा हटाया, गाजर घास उन्मूलन से दिया जनजागरण का संदेश

कमल मिश्रा
हरिद्वार, 04 जुलाई 2026। उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री के “स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर हरिद्वार” के संकल्प को साकार करने की दिशा में शनिवार को ऋषिकुल चौक स्थित कश्यप घाट पर विशेष स्वच्छता एवं गाजर घास उन्मूलन महाअभियान चलाया गया।
जिलाधिकारी हरिद्वार के निर्देशों के अनुपालन में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के मार्गदर्शन तथा नगर निगम हरिद्वार एवं आईटीसी मिशन सुनहरा कल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान ने जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता का सशक्त संदेश दिया।

नगर निगम हरिद्वार के सेनेटरी इंस्पेक्टर संजय शर्मा के सहयोग से संचालित अभियान के दौरान घाट परिसर, सड़क किनारे एवं आसपास के क्षेत्रों की व्यापक सफाई की गई। इस दौरान प्लास्टिक, पॉलीथीन एवं अन्य ठोस अपशिष्ट हटाने के साथ-साथ पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक गाजर घास का भी बड़े पैमाने पर उन्मूलन किया गया।

*आईटीसी मिशन सुनहरा कल* की टीम ने श्रमदान करते हुए लगभग 38 कट्टे सूखा कचरा एकत्रित कर नगर निगम हरिद्वार को सुपुर्द किया। नगर निगम द्वारा एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल विधि से निस्तारण कराया जाएगा।

अभियान में श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन तथा आईटीसी मिशन सुनहरा कल के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान किया। सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया तथा नागरिकों से अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की।

*जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी* ने कहा, “स्वच्छता अभियान तभी सफल होगा, जब प्रत्येक नागरिक इसे अपनी दिनचर्या और संस्कार का हिस्सा बनाए। जनभागीदारी ही स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर हरिद्वार की सबसे बड़ी शक्ति है।”

नगर निगम हरिद्वार के सेनेटरी इंस्पेक्टर संजय शर्मा ने कहा, “नगर निगम स्वच्छता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिकों के सहयोग से ऐसे अभियान और अधिक प्रभावी बनते हैं। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता हमारे प्रयासों की मूल भावना है तथा सामूहिक सहभागिता से ही स्वच्छता को स्थायी जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।”
श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के परियोजना प्रबंधक डॉ. पंत ने कहा, “स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है। हमारा प्रयास केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। जनसहभागिता से ही ‘स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर हरिद्वार’ का सपना साकार होगा।”

कश्यप घाट पर आयोजित यह विशेष स्वच्छता एवं गाजर घास उन्मूलन महाअभियान पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य संवर्धन एवं सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा। जिला आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम हरिद्वार, आईटीसी मिशन सुनहरा कल तथा सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया कि शासन, प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की सक्रिय सहभागिता से ही “स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर हरिद्वार” का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
“स्वच्छता ही सेवा है, स्वच्छता ही संस्कार है” — आइए, हम सभी मिलकर स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर हरिद्वार के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।




