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राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में भारत के  पूर्व प्रधानमंत्री डॉ० मनमोहन सिंह जी को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

प्रधान संपादक कमल मिश्रा

नई टिहरी  27 दिसंबर।  राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोक सभा एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित व्यक्तियों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी जी ने कहा कि मनमोहन सिंह जी एक विजनरी, नेता, अर्थशास्त्री और महान विचारक थे। उन्होंने कई सामाजिक कल्याण एवं आर्थिक सुधारो की योजनाओं को प्रारंभ किया था। 1972 से 1976 तक वह भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे। 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। इसके साथ-साथ वह भारत के 22वे वित्त मंत्री तथा 13वे प्रधानमंत्री भी रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत को 1991 तथा 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी से न केवल बाहर निकाला बल्कि आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित भी किया। बहुत ही साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले डॉ० मनमोहन सिंह ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्रताप की थी। इतना ही नहीं सरलता एवं सादगी भी डॉक्टर मनमोहन सिंह जी का पर्याय रही। महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और अटल बिहारी वाजपेई के बाद डॉ० मनमोहन सिंह जी ही विद्वत्ता और सादगी के प्रतिमूर्ति थे। आज भारत विश्व में पांचवें स्थान की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर जो खड़ा है वह मनमोहन सिंह जी की नीतियों का ही परिणाम है। इस अवसर पर हम उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।

भूगोल के प्राध्यापक डॉ० किशोर सिंह चौहान ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ० मनमोहन सिंह जी की नीतियां दूरगामी प्रभाव रखती हैं और ऐसे महापुरुष का देहावसान निश्चित रूप से भारत के लिए क्षति है।

राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक श्री विनीत कुमार ने मनमोहन सिंह जी द्वारा दिए गए सूचना के अधिकार तथा शिक्षा के अधिकार के संबंध में उन्हें स्मरण किया।

शिक्षा शास्त्र के प्राध्यापक डॉ० भूपेश चंद्र पंत ने कहा कि आज विभिन्न सरकारी योजनाओं में प्रयुक्त होने वाले आधार की संकल्पना मनमोहन सिंह जी ने ही की थी।

गृह विज्ञान की प्राध्यापिका डॉ० निशि दुबे ने बताया कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि उन्हें डॉ० मनमोहन सिंह जी के हाथों से ही मिली थी।

कार्यक्रम संचालक वाणिज्य विभाग की प्राध्यापिका डॉ० सुगंधा वर्मा ने मनमोहन सिंह जी को स्मरण करते हुए कहा कि आर्थिक सुधारो और बैंकिंग क्षेत्र में विश्व स्तरीय कीर्तिमान स्थापित करने के लिए इतिहास सदैव उन्हें याद रखेगा।

कार्यक्रम के दौरान डॉ रजनी लस्याल,  बृजेश चौहान, डॉ० प्रभात कुमार सिंह, आराधना राठौड़, डॉ अशोक कुमार अग्रवाल,  आलोक बिजलवान,  रामचंद्र नौटियाल, डॉ मनोज सिंह बिष्ट,  स्वर्ण सिंह,  रोशन जुयाल,  मदन सिंह, कौशल बिष्ट, धनराज बिष्ट, सुनील गैरोला, अमीर सिंह , जयप्रकाश भट्ट, सुरेश चंद, विजयलक्ष्मी तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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