खेल-खेल में सीखने की नई उड़ान: जासवावाला आंगनवाड़ी केंद्र में प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास गतिविधि का सफल आयोजन
नौनिहाल बच्चों के प्रारंभिक विकास के लिए एक नई पहल

कमल मिश्रा
हरिद्वार | 11 जुलाई 2026
HCL Tech Grant के सहयोग से एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम द्वारा ग्राम जासवावाला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में “प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास एवं सीखने की गतिविधियाँ” विषय पर एक सहभागितापूर्ण Activity Session का सफल आयोजन किया गया।

इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास, संज्ञानात्मक क्षमता, भाषा विकास, प्रारंभिक गणितीय समझ, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास तथा सीखने के प्रति सकारात्मक रुचि को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम को पूरी तरह खेल-आधारित एवं सहभागितापूर्ण बनाया गया, जिससे बच्चे आनंदपूर्वक सीख सकें और उनकी जिज्ञासा एवं रचनात्मकता का विकास हो।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए अनेक रोचक एवं शिक्षाप्रद गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों को प्रेरणादायक कहानियाँ सुनाई गईं, जिनके माध्यम से स्वच्छता, अनुशासन, सहयोग, आपसी सम्मान एवं अच्छे व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों का संदेश दिया गया। कहानी सत्र के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी समझ का परिचय दिया।

सीखने की गतिविधियों के अंतर्गत बच्चों को
संख्याओं (Numbers) की पहचान एवं क्रमबद्धता की गतिविधियाँ कराई गईं।
वर्णमाला की पहचान कराई गई तथा अक्षरों को पहचानने एवं बोलने का अभ्यास कराया गया।
अक्षरों की पहचान एवं भाषा विकास से संबंधित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रारंभिक साक्षरता को सुदृढ़ किया गया।
इन गतिविधियों में बच्चों ने अत्यंत उत्साह एवं रुचि के साथ भाग लिया। खेल-खेल में सीखने की इस प्रक्रिया ने बच्चों के आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता तथा सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को और अधिक मजबूत किया।
कार्यक्रम में कुल 15 बच्चों ने सहभागिता की, जिनमें 5 बालक एवं 10 बालिकाएँ शामिल रहीं। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाते हुए सभी गतिविधियों के सफल संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। उनकी सहभागिता से गतिविधियाँ अधिक प्रभावी एवं बच्चों के लिए आनंददायक बन सकीं।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों की सक्रिय भागीदारी एवं सीखने के प्रति उनके उत्साह की सराहना की गई। यह गतिविधि इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण रही कि यदि बच्चों को खेल, संवाद और सहभागिता के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जाए तो उनका सर्वांगीण विकास अधिक प्रभावी ढंग से संभव है। HCL Tech Grant एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम द्वारा भविष्य में भी ऐसे नवाचारी एवं बाल-केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, ताकि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा एवं विकास का अवसर प्राप्त हो सके।




