कृमि मुक्त बचपन की ओर कदम: जस्सावाला में विद्यार्थियों को स्वच्छता और स्वास्थ्य का संदेश

जस्सावाला। श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम द्वारा एचसीएल फाउंडेशन के सहयोग से राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जस्सावाला में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृमि संक्रमण से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता, हाथों की स्वच्छता एवं किशोर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कृमि संक्रमण के कारण, सामान्य लक्षण, दुष्प्रभाव एवं बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को भोजन से पहले एवं शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने, साफ पानी पीने, नाखूनों को छोटा एवं साफ रखने तथा स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

जागरूकता सत्र को रोचक एवं व्यावहारिक बनाने के लिए ग्लिटर एवं साबुन का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को हाथों के माध्यम से कीटाणुओं के फैलने तथा संक्रमण से बचाव के लिए सही तरीके से हाथ धोने के महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया गया।

कार्यक्रम में पीएचसी जस्सावाला की चिकित्सा अधिकारी डॉ. नम्रता कंडवाल तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जस्सावाला के प्रधानाचार्य श्री शुभम चंद्र की गरिमामयी उपस्थिति रही* । डॉ. नम्रता कंडवाल ने विद्यार्थियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस), इसकी रोकथाम तथा किशोर स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

इंटरैक्टिव एवं सहभागितापूर्ण सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कृमि मुक्ति, स्वच्छता, पोषण एवं निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।

इस अवसर पर बच्चों को निर्धारित स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के अनुसार कृमिनाशक दवा भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय को संदेश दिया गया—“कृमि से बचाव, स्वस्थ बचपन की पहचान—स्वच्छता अपनाएँ, स्वस्थ रहें।”
श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम एवं एचसीएल फाउंडेशन द्वारा ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों एवं समुदाय में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।




