चिन्मय महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हरेला पर्व
हरेला पर्व प्रकृति, पर्यावरण एवं मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का देता है संदेश - आलोक शुक्ला

हरेला पर्व प्रकृति, पर्यावरण एवं मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का देता है संदेश – आलोक शुक्ला
कमल मिश्रा

हरिद्वार 16 जुलाई 2026। चिन्मय डिग्री कॉलेज, भेल, रानीपुर, में हरेला पर्व हर्षोल्लास एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 10 पौधों का रोपण किया गया। लगाए गए पौधों में कचनार, अशोक, अर्जुन एवं शीशम के पौधे प्रमुख रहे।
महाविद्यालय के शैक्षिक समिति के सचिव आलोक शुक्ला एवं प्राचार्य डॉ. आलोक अग्रवाल द्वारा पौधारोपण कर हरेला महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के शैक्षिक समिति के सचिव आलोक शुक्ला ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति, पर्यावरण एवं मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेना होगा।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. आलोक अग्रवाल ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। यह पर्व हरियाली, नई फसल, समृद्धि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। इस अवसर पर हम सभी लोगों को वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए जिससे कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण को मजबूत करने में सहायक हो सके।

कार्यक्रम में डॉ. मनीषा, डॉ. प्रदोष कुमार शर्मा, डॉ. मधु शर्मा, राकेश चतुर्वेदी, वी.एस. नेगी, जयप्रकाश, गौतम राजबीर, किशनपाल तथा जसवंत सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




