कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर अपर मेलाधिकारी ने किया कार्यों का स्थलीय निरीक्षण
अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती ने पेयजल योजनाओं में तेजी लाने के दिये निर्देश

कमल मिश्रा
हरिद्वार, 17 अगस्त 2026
हरिद्वार में अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत अवस्थापना विकास कार्यों एवं जन-सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। कुंभ के दौरान देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मेला प्रशासन के अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं।

इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने सोमवार को तकनीकी सेल के अधिकारियों के साथ कनखल एवं उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति से संबंधित विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा पेयजल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइनों की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य की गति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
अपर मेलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को पेयजल वितरण लाइनों को बिछाने के कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी वृद्धि होगी, जिससे पेयजल की मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है, ताकि मेला अवधि में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान आम लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क अथवा सार्वजनिक स्थान पर खुदाई वाले स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए और कार्य पूरा होने के बाद खुदाई को उचित तरीके से भरकर एवं समतल कर सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्यों के कारण आमजन के आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो।
अपर मेलाधिकारी ने भूपतवाला क्षेत्र में पावन धाम तथा प्राइमरी पाठशाला पंपिंग पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन कार्य का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों योजनाओं की क्रमशः 85 एवं 95 प्रतिशत प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों योजनाएं अब अंतिम चरण में हैं, इसलिए शेष कार्यों को भी बिना किसी अनावश्यक विलंब के पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतिम चरण के कार्यों में गति बनाए रखते हुए योजनाओं को शीघ्र पूरा कर उपयोग में लाया जाए।
दयानंद सरस्वती ने कहा कि स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल आपूर्ति कुंभ मेला-2027 की व्यवस्थाओं की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए पेयजल से संबंधित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी की जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विपिन चौहान, सहायक अभियंता राकेश बमराड़ा, मनोज डबराल तथा तकनीकी सेल के अभियंता अतुल शांडिल्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




