गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइनिंग पर एक कार्यशाला का आयोजन

कमल मिश्रा
हरिद्वार। आज के इस वैज्ञानिक युग में दिन पर दिन मानव की जरूरतें बढ़ती जा रही है इसी प्रतिस्पर्धा से भरे जीवन में भौतिक संसाधन विकसित करने में सेमीकंडक्टर तथा इसे विकसित करने वाली तकनीक का उपयोग भी बढ़ता जा रहा है जिसके महत्व को देखते हुए सेमीकंडक्टर चिप डिजाइनिंग पर एक कार्यशाला का आयोजन गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के इलैक्ट्रानिक्स एवं कम्यूनिकेशन विभाग में सम्पन्न हुई।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता एवं विशेषज्ञ पाईन प्रशिक्षण संस्थान गाजियाबाद के वैभव मिश्रा ने एफ.पी.जी.ए. और एस.एस.डी. प्रोग्रामिंग के तकनीकी पहलुओं एवं उससे युवाओं को नवाचार के माध्यम से रोजगारोन्मुख बनाने की कुशलता सिखलाई। समविश्वविद्यालय कुलपति प्रो0 प्रतिभा मेहता लूथरा एवं कुलसचिव प्रो0 सत्यदेव निगमालंकार ने कार्यशाला की सफलता एवं छात्रों की बढ़ती रूचि पर आयोजनकर्ताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।
कार्यशाला के उद्देश्य तथा लक्ष्य पर विचार प्रस्तुत करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो0 विपुल शर्मा ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज मनुष्य के लिए सर्वाधिक उपयोगी उपकरण बन गया है। नए वाहनों में इसके बढ़ते उपयोग तथा तकनीक को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। डीन प्रो. मयंक अग्रवाल ने इंजीनियरिंग विषयों में प्रशिक्षु अभियंताओं की बढ़ती रुचि को तकनीकी युग की सार्थक पहल बताते हुए कार्यशाला के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में डॉक्टर अतुल वार्ष्णेय, डॉ अनुज शर्मा, डॉ संजय सिंह सहित संकाय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों सहित छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रतीक अग्रवाल द्वारा किया गया।




