बारहवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न!
करें योग – रहें निरोग", "योग : हर पीढ़ी के स्वास्थ्य और कल्याण का उत्सव"

कमल मिश्रा

हरिद्वार। महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी महाराज के आशीर्वाद, महामंडलेश्वर स्वामी प्राणवानंद सरस्वती एवं स्वामी उमानंद महाराज के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में बारहवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह, उमंग एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर गुरुकुल विश्विद्यालय के योगाचार्य ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग हमारे शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी है। योग एक ऐसी साधना पद्धति है जो आत्मिक चेतना को जागृत कर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
कार्यक्रम में स्वामी उमानंद महाराज ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्य वक्ता स्वामी प्रवानंद सरस्वती महाराज (वृंदावन, इंदौर) ने अपने संबोधन में कहा कि योग हमारे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति निरोग, स्वस्थ एवं संतुलित जीवन व्यतीत कर सकता है।
डॉ. संजय शाह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि योग हमें एक-दूसरे से जोड़ता है तथा आत्मिक ऊर्जा, शक्ति और सकारात्मकता प्रदान करता है। योग के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में शांति, संतुलन एवं उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया तथा योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन सभी के स्वास्थ्य, सुख एवं कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।




